बंगा: रेलवे पुलिस में भर्ती के नाम पर ठगी की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ठग महिला ने बंगा निवासी महिला का रजिस्ट्रेशन फार्म भरवाकर उसका पिम्स जालंधर में मेडिकल करवा दिया। जिसके बाद महिला को रेलवे पुलिस की वर्दी पहनाकर फगवाड़ा रेलवे स्टेशन पर ले जाकर खड़ा करने के मामले में 1.33 लाख रुपए ठग लिए। वहीं रेलवे पुलिस ने जब स्टेशन पर वर्दी पहने महिला से पूछताछ की तो पता चला कि उससे ठगी हुई है। पीड़ित महिला ने खुद पिम्स जालंधर जाकर आरोपी महिला को ढूंढ़कर बंगा पुलिस के हवाले किया। आरोपी महिला की पहचान अर्पणा निवासी पुतलीघर, अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी महिला ने कई लोगों से ठगी की है। थाना सदर बंगा की एसएचओ मनजीत कौर ने बताया कि खटकड़ कलां निवासी अमनदीप कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने 12वीं तक पढ़ाई की है और वह सरकरी नौकरी करना चाहती थी। इसके बारे में उसने बंगा में एक करियाने की दुकान पर काम करने वाली रिश्ते में अपनी जेठानी संदीप कौर से बात की। संदीप कौर ने भी सरकारी नौकरी करने की इच्छा जताई। वहीं, उसने बताया कि अमृतसर की रहने वाली अर्पणा नामक महिला बंगा में रहने के लिए कमरा ढूंढ़ रही है। वह लोगों को रेलवे पुलिस में नौकरी दिलवाती है। संपर्क करने पर अर्पणा ने रेलवे का आईकार्ड दिखाया और नौकरी दिलवाने का विश्वास दिलवाया।
इसके बाद गत 15 नवंबर को अर्पणा ने उनका रेलवे रजिस्ट्रेशन फार्म भरा, जिस पर उसे रोल नंबर 991301 जारी किया गया। इसकी फीस के नाम पर अर्पणा ने उससे 1,830 रुपये ले लिए। इसके बाद उसे कहा कि उनकी नौकरी लग गई है और अब उसका मेडिकल होगा। इसके बाद उसने मेडिकल फार्म भरा व 18 नवंबर को उससे व संदीप से 3,250-3,250 रुपये लिए गए। साथ ही उसी दिन उन्हें पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (पिम्स) जालंधर ले जाकर उसका ओपीडी कार्ड, जिसका यूएचआइडी नंबर पीआइएमएस 1009285 है, बनाकर दिया।
पूरे मेडिकल के लिए उसने फिर से 28 हजार 500 रुपये लिए। ब्लड टेस्ट व ईसीजी भी करवाई, जिसके पैसे भी अलग से लिए। वहीं एक लाख रुपये उनके घर आकर लिए। इसके बाद गत 28 नवंबर को उसकी जेठानी को ज्वाइनिंग लेटर देकर पुलिस की वर्दी पहनाकर फगवाड़ा रेलवे स्टेशन पर ले जाकर तैनात कर दिया। वहां रेलवे पुलिस ने उसकी जेठानी को पकड़ लिया। पूछताछ में जब पुलिस को उसने सारी बात बताई तो उसे इस वायदे पर छोड़ दिया कि वह आरोपी महिला को पुलिस के सामने लाए। इसके बाद वे दोनों चुपचाप पिम्स जालंधर गईं जहां पर अर्पणा उन्हें मिल गई। उन्होंने उसे पकड़कर बंगा लाकर पुलिस के पास पेश कर दिया।