गुरदासपुरः जिले के टाउन प्लानर रितिका अरोड़ा को विजीलेंस ने रिश्वत लेने के मामले में बीते दिन गिरफ्तार किया। रितिक अरोड़ा को एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के दोष में रंगे हाथों गिरफ़्तार किया गया। रितिका के खिलाफ एफआईआर नंबर 02 दिनांक 19-01-2026 धारा 7 पीसी एक्ट 1988 (पी.सी. एक्ट संशोधन 2018 के अनुसार), पुलिस स्टेशन विजीलेंस ब्यूरो, रेंज अमृतसर में दर्ज कर की गई। जिसके बाद आज रितिका कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट से रितिका का 2 दिन का रिमांड मिला है। इसकी शिकायत गुरमीत सिंह नाम के व्यक्ति द्वारा की गई थी।
विजीलेंस ब्यूरो के बुलावे ने बताया कि रितिका अरोड़ा़ का 4 दिन का रिमांड पेश किया गया था, लेकिन अदालत ने और पूछताछ के लिए उनका 2 दिन का रिमांड दिया है। बता दें कि शिकायतकर्ता गुरमीत सिंह ने शिकायत की थी कि उसने गांव लेहल में 7 कलान 17.5 मरले की जमीन 15 अप्रैल 2025 को खरीदी थी। इस जमीन पर उसने प्लॉट तैयार करवाए और उनकी रजिस्ट्रि के लिए तहसील में किस्म बदलवा कर जिले के टाउन प्लानर के दफ़्तर में आवेदन दिया। जब वह इस मामले में रितिका अरोड़ा़ से मिला, तो उनके द्वारा फाइल को कार्रवाई में नहीं लाया गया और मामले को टाला गया।
जब शिकायतकर्ता ने देरी के बारे में पूछा, तो कथित दोषी ने कहा कि दस्तावेज़ ठीक हैं, लेकिन कॉलोनी का काम मुफ्त नहीं हो सकता और प्लॉट मंजूर करवाने के लिए प्रति प्लॉट 1 लाख रुपये रिश्वत देनी पड़ेगी। शिकायतकर्ता रिश्वत देकर काम कराने को तैयार नहीं था, इसी कारण उसने विजीलेंस ब्यूरो यूनिट गुरदासपुर के दफ़्तर में संपर्क किया और 1,00,000 रुपये रिश्वत की रकम पेश कर अपना बयान दर्ज कराया। इसके बाद ट्रैप लगाया गया और रितिका अरोड़ा़, जिले के टाउन प्लानर, गुरदासपुर को उनके दफ़्तर में 1,00,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।