मेयर ने 459.45 करोड़ रुपए का बजट किया पास
अमृतसरः नगर निगम के बजट सत्र के दौरान नगर निगम के कॉन्फ्रेंस हाल में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। दअससल, आम आदमी पार्टी के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया द्वारा 459.45 करोड़ रुपए का बजट पेश किया जा रहा था। इस दौरान कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के काउंसलरों द्वारा जोरदार विरोध भी किया गया। उनका कहना था कि अमृतसर के मेयर का चुनाव धोखे से हुआ है, इसके लिए माननीय अदालत में मामला चल रहा है, इसलिए मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया बजट पेश नहीं कर सकते, जिस पर काफी हंगामा हुआ और कांग्रेस के काउंसलरों ने भी हंगामा किया।
इसके बाद जब अमृतसर के नगर निगम के कमिश्नर द्वारा बजट रखा गया, तब विरोधी पक्ष के काउंसलरों के माइक बंद होने के कारण उन्होंने फिर से जोरदार हंगामा किया। इस हंगामे के दौरान काउंसलरों का कहना था कि उनके माइक बंद कर दिए गए हैं और जिन अधिकारियों द्वारा बजट रखा जा रहा है, उनके माइक की आवाज भी साफ नहीं आ रही थी। इस दौरान कांग्रेस के काउंसलरों ने अपने बजट की प्रतियां भी कॉन्फ्रेंस हाल के अंदर फाड़ दीं। इस पूरे हंगामे के बीच अमृतसर के मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया द्वारा 459.45 करोड़ का बजट अमृतसर शहर के लिए पास किया गया।
इस दौरान बीजेपी के काउंसलरों ने कहा कि जो बजट पास किया गया है, वह बहुत ही कम है और हर एक वार्ड के खर्चे के बराबर पूरे हलके को बजट दिया गया है, जिस पर उन्होंने विरोध किया। उन्होंने कहा लेकिन कांग्रेस ने किसी की भी बात नहीं सुनी और जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण पूरा बजट सत्र प्रभावित हो गया। दूसरी ओर कांग्रेस के काउंसलरों ने बताया कि इस बजट सत्र के दौरान उन्हें यहां नहीं पहुंचने के लिए धमकियां भी दी जा रही थीं। और आज जब बजट पेश करने लगे, तो उनके माइक बंद कर दिए गए, जिस पर उन्होंने जोरदार विरोध किया।
दूसरी ओर मेयर जतिंदर सिंह मोती भाटिया ने कहा कि आज नगर निगम अमृतसर का 450 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। उन्होंने कहा कि अमृतसर का विकास प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि उन्हें इस तरह से मीटिंग में हंगामा करना चाहिए। कांग्रेस एक तरफ हाईकोर्ट में केस लगाकर बैठी है, लेकिन दूसरी तरफ अगर अमृतसर का मेयर किसी को नहीं मानता तो फिर अमृतसर का विकास क्यों रोक रही है? मेयर ने दावा किया है कि अगले 6 महीने में अमृतसर की तस्वीर बदली जाएगी। उन्होंने कहा कि शहवासी कूड़े और सीवरेज की दिक्कतों से परेशान हैं, लेकिन कांग्रेस वाले आज बजट मीटिंग में हंगामा कर रहे हैं।
कांग्रेसी चाहते थे कि कार्रवाई रोकी जाए, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उनकी तरफ से हाईकोर्ट में केस दायर किया गया है। विपक्ष का कहना है कि बजट पास नहीं हुआ, लेकिन हम चाहते थे कि हमारी यह मीटिंग पूरी तरह से सुनें, हम हर एक चीज बताएंगे। वहीं आम आदमी पार्टी के काउंसलरों ने बातचीत के दौरान बताया कि कांग्रेस और बीजेपी के काउंसलरों द्वारा बजट सुना ही नहीं गया और जानबूझकर माहौल को खराब करने की कोशिश की गई और नाजायज हंगामा किया गया। उन्होंने कहा कि अगर तीन साल बाद नगर निगम के चुनाव हुए हैं और अमृतसर शहर को मेयर मिला है, तो कांग्रेसियों को बजट सुनना चाहिए था, लेकिन उन्होंने बिना सुनने ही हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद 459.45 करोड़ का बजट अमृतसर शहर के लिए पास हुआ।
