अमृतसरः भारत–अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समझौते को लेकर मामला गरमा गया है। इसी को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जहां उन्होंने भारत–अमेरिका के बीच हुए ट्रेड समझौते पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे पंजाब सहित देश की कृषि के लिए घातक करार दिया। धालीवाल ने कहा कि पंजाब भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़ द्वारा इस ट्रेड डील की प्रशंसा की जा रही है, लेकिन आज तक न तो देश के प्रधानमंत्री ने लोकसभा या राज्यसभा में और न ही किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साफ़ किया है कि इस समझौते का असली ड्राफ्ट क्या है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यह समझौता किसने किया, किन अधिकारियों और मंत्रियों ने इस पर दस्तखत किए। कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जो जानकारी सार्वजनिक हो रही है, वह अधिकतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और अमेरिकी कृषि क्षेत्र के बयानों तथा विदेशी अखबारों से मिल रही है, जो देश के लिए चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि नई डील के तहत अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों पर भारत में शून्य प्रतिशत टैक्स होगा, जबकि भारतीय और पंजाब के किसानों को जब अपनी फसल अमेरिका की मंडी में बेचनी पड़ेगी तो उन पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा।
धालीवाल ने पूछा कि यह कैसा बराबरी का समझौता है? उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के पास मक्का, बाजरा, सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की भारी पैदावार है और अगर ये उत्पाद भारत में बिना टैक्स आएं, तो पंजाब, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों की फसल चौपट हो जाएगी। धालीवाल ने कहा कि यह समझौता भी तीन काले कृषि कानूनों की तरह ही खतरनाक है।
जिन्हें भी पहले किसान हित में बताया गया था, लेकिन बाद में देश भर के किसानों ने संघर्ष कर उन्हें रद्द करवाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह डील भी सार्वजनिक नहीं की गई तो किसान एक बार फिर सड़कों पर आ जाएंगे। धालीवाल ने सुनील जाखड़ को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर यह समझौता किसानों के हित में है तो इसका ड्राफ्ट पंजाबी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में जारी करके किसान संगठनों के सामने रखा जाए, ताकि किसानों को पता चल सके कि केंद्र सरकार उनके भाग्य के साथ क्या खेल रही है।
