करोड़ों भारतीय बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है हरमनप्रीत कौर
मोगाः आज का दिन पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहा है। वुमेन वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला आज खेला जाएगा, जिसमें भारत और साउथ अफ्रीका की महिला टीमें आमने-सामने होंगी। लेकिन इस बार मुकाबले से ज्यादा सुर्खियों में है भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर, जो पंजाब के मोगा शहर से हैं और आज पूरे देश की उम्मीदों का केंद्र बन चुकी हैं।
मोगा के गुरु नानक कॉलेज के मैदान से शुरू हुआ हरमनप्रीत का क्रिकेट सफर आज दुनिया के सबसे बड़े मंच तक पहुंच चुका है। एक ऐसा दौर जब लड़कियों का क्रिकेट खेलना चुनौती से कम नहीं था, उस समय हरमनप्रीत ने अपने हौसले और मेहनत से सबको साबित कर दिखाया कि जहां चाह वहां राह।
उनके पिता के शब्द आज हर किसी के कानों में गूंज रहे हैं। “बेटा, अगर दिल से मेहनत करोगी तो एक दिन तिरंगा जरूर लहराओगी।” और आज वही दिन आ गया है। मोगा की गलियों में आज उत्सव जैसा माहौल है। बच्चे झंडे लहराते महिलाओं की आंखों में गर्व के आंसू और हर गली-मोहल्ले में बड़ी स्क्रीनें लगाई जा रही हैं, ताकि कोई भी इस ऐतिहासिक पल को मिस न करे। गुरुद्वारों में देश की बेटियों की जीत के लिए अरदासें हो रही हैं। टी-शर्ट्स पर लिखा जा रहा है कि हरमनप्रीत की टीम जीत के आओ।
हरमनप्रीत कौर सिर्फ एक कप्तान नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीय बेटियों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। जब हरमनप्रीत कौर आज मैदान में उतरेंगी, तो हर एक भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा होगा। आज सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारत की हर बेटी के सपने की लड़ाई खेली जाएगी। अगर आज तिरंगा लहराया। तो ये जीत सिर्फ टीम इंडिया की नहीं, बल्कि हर उस बेटी की होगी जिसने सपने देखने की हिम्मत की।