उधर, सैंपलों के लिए भेजी रिपोर्ट में निकली खामियां
बठिंडाः मौड़ मंडी निवासी युवती के हत्याकांड मामले में गिरफ्तार आरोपी ने चौकाने वाला खुलासा किया है। दरअसल, पुलिस पूछताछ में आरोपी मुकुल ने पुलिस कबूल किया है कि उसने ही युवती को नहर में धक्का दिया था। इस दौरान युवक ने युवती को मारने की वजह बताते हुए कहा कि वह उसको पुणे पढ़ाई करने जाने से रोक रही थी और उसको खुदकुशी करने की धमकी दे रही थी। वह उस पर दबाव बना रही थी कि वह पुणे के बजाए चंडीगढ़ में पढ़ाई करे। युवती खुद भी चंडीगढ़ में ही पढ़ाई कर रही थी। वहीं, दूसरी तरफ मौड़ मंडी वासियों ने पुलिस जांच में ढील का आरोप लगाते हुए शहर में रोष प्रदर्शन किया।
पुलिस द्वारा सैंपलों के साथ भेजी गई रिपोर्ट में खामियां होने पर उसको वापस भेज दिया गया। मामले का सातवां आरोपी नविश अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नहर के पास से मिली बोलेरो गाड़ी मुकुल के चाचा द्वारा मुहैया कराई गई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा मुकुल के अलावा अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पुलिस जांच में यह बात सामने आ रही है कि घटना के समय वे उस जगह पर नहीं थे।
एम्स अस्पताल के मेडिकल बोर्ड द्वारा खरड़ में जांच के लिए सैंपल भेजे जा चुके हैं और इनकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। वहीं, मौड़ मंडी की 15 सदस्यीय संघर्ष कमेटी ने पुलिस की ढीली कारगुजारी का आरोप लगाते हुए शहर में प्रदर्शन किया। साथ ही कहा कि खरड़ लैब को भेजे गए सैंपलों के साथ लगाई पुलिस रिपोर्ट में जानबूझ कर खामियां रखी गईं, जिसके चलते लैब ने उनको वापस कर दिया है। इस मामले में थाना मौड़ मंडी के एसएचओ का कहना है कि लैब ने रिपोर्ट में कुछ तकनीकी खामियां निकाली हैं।
उनको ठीक करके भेज दिया जाएगा। अकसर ही रिपोर्टों में खामियां निकाल कर वापस भेज देते हैं। कई बार तो 10-10 बार रिपोर्ट वापिस आ जाती हैं। उधर, डॉ. सवरन प्रकाश ने कहा कि पुलिस इस मामले को दबाने में जुटी हुई है। इस कारण रिपोर्ट में कमियां रखी गई। इस मामले की दो दिन में सीबीआई जांच कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके। डीएसपी हिना गुप्ता ने कहा कि मेरे ध्यान में नहीं है कि रिपोर्ट को लैब द्वारा खामियां निकाल कर वापस भेजा गया है। मैं इस मालमे में एसएचओ से जानकारी लेती हूं। 7वें आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसको पकड़ लिया जाएगा।