फिरोजपुर: पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत केंद्रों का दौरा किया। गांव बारेके स्कूल में बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत केंद्र में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जमीनों की पक्की मालिकाना हक कराकर गिरदावरी के माध्यम से फसलों का मुआवजा देने और सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग जायज़ है। इस संबंध में सीएम मान के ध्यान में लाकर स्थायी समाधान के प्रयास किए जाएंगे। इस मौके पर उनके साथ विधायक रणबीर सिंह भुल्लर, कमिश्नर अरुण शेखड़ी, डिप्टी कमिश्नर दीप्तशिखा शर्मा और एसएसपी भूपिंदर सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने हुसैनीवाला शहीदी स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि 250 से अधिक बाढ़ पीड़ितों को बारेके स्कूल में बनाए गए राहत केंद्र में सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने बताया कि ये लोग पिछले 70 वर्षों से अपने बुजुर्गों के साथ खेती करते आ रहे हैं। पहले इन जमीनों की गिरदावरी इनके नाम पर थी, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में अब ये गिरदावरी नाम पर न होने की वजह से किसी भी सरकारी योजना का लाभ इन्हें नहीं मिल पाता है। उन्होंने बताया कि हर साल बाढ़ की मार इन्हें सहनी पड़ती है। इसके साथ ही जब भी युद्ध जैसी परिस्थिति बनती है, तो इन्हें अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर आना पड़ता है।
गवर्नर ने कहा कि इन समस्याओं के स्थाई हल के लिए मुख्यमंत्री से विशेष रूप से मिलकर उनका ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा के पास खेती वाली जमीनों पर ये खेती तो कर ही रहे हैं, लेकिन रहने के लिए इन्हें सुरक्षित स्थानों पर मालिकाना हक देकर जगह दी जा सकती है ताकि इन्हें बाढ़ और युद्ध जैसे हालात में अपना घर न छोड़ना पड़े। उन्होंने कहा कि जब भी हैडवर्क्स या बांधों से पानी छोड़ा जाता है, तो इस जगह तक पानी पहुंचने में जितना समय लगता है, उस दौरान इन्हें किसी भी प्रकार से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और सरकार के साथ बातचीत कर इसका समाधान निकाला जाएगा ताकि इन्हें राहत मिल सके। इससे पहले उन्होंने हैडवर्क्स का दौरा कर पानी के स्तर का जायजा लिया और रिट्रीट सेरेमनी की ओर जाने वाली सड़क का निरीक्षण किया, जो अधिक पानी आने के कारण टूट गई थी, और इसे जल्दी बनाने संबंधी बीएसएफ अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर एडीसी दमनजीत सिंह मान के अलावा प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।