गुरदासपुरः केंद्र सरकार ने हाल ही में जीएसटी रिफॉर्म्स के तहत बड़ा कदम उठाया है। जीएसटी काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने के लिए पहले की चार स्लैब प्रणाली को घटाकर दो स्लैब कर दिया है। अब अधिकांश वस्तुओं पर जीएसटी दरें 28 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के अंतर्गत आ जाएंगी। इस सुधार का उद्देश्य रोजमर्रा के उपभोक्ता सामानों को किफायती बनाना और महंगाई से राहत देना है। उम्मीद जताई जा रही थी कि इसका सीधा असर दैनिक जरूरतों के सामान पर पड़ेगा और आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी।
इसका सीधा असर कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स सामान और कारों व टू-व्हीलर्स की कीमतों पर होगा। ऐसे में जीएसटी की सलैब कम होने से इनकी कीमतों में कमी आ जाएगी। हालांकि जीएसटी कटौती 22 सितंबर से लागू होने जा रही है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादक कंपनियां इस कटौती से उत्साहित हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान के व्यापारियों के चेहरे पर भी रौनक दिखाई दे रही है। कंपनियों ने नई रेट लिस्टें जारी कर दी हैं। उनके अनुसार एसी, एलईडी/एलसीडी, सिलाई मशीन, मार्केट में नई आई बर्तन धोने वाली मशीन आदि इलेक्ट्रॉनिक्स की आइटम्स बहुत सस्ती हो जाएंगी।
इन चीजों पर 10 प्रतिशत जीएसटी तो घट ही गया है, साथ ही दिवाली पर कंपनियों द्वारा मिलने वाली छूटें और स्कीमें भी समय से मिलेंगी। इससे मंदी के दौर से गुजर रही इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट फिर से गुलजार होने की उम्मीद है और दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं कि इस बार दिवाली पर बाजारों में पूरी रौनक देखने को मिलेगी। यहां यह भी बताना जरूरी है कि लग्जरी आइटम्स जैसे हथियार और कई अन्य चीजों पर जीएसटी में वृद्धि भी की गई है, जिसके कारण इन चीजों के रेट 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगे।
