बीडीपीओ ने मामले को लेकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस
गुरदासपुरः जिले के गांव कलेरकलां के मौजूदा सरपंच सुधीर चाबा ने बीडीपीओ धारीवाल पर कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार करने तथा झूठी शिकायत दर्ज कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह 4 मार्च को बीडीपीओ कार्यालय में मीटिंग के संबंध में बीडीपीओ से मिलने गए थे, जहां बीडीपीओ गुरमीत सिंह ने उनके साथ धक्का-मुक्की की तथा बाद में पुलिस को बुलाकर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा दिया। इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि बीडीपीओ धारीवाल के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ दर्ज झूठा मामला रद्द किया जाए।
वहीं बीडीपीओ धारीवाल गुरमीत सिंह ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि सरपंच को गांव का कोरम पूरा करने के लिए बुलाया गया था। सरपंच ने दफ्तर में आकर उनके साथ बदसलूकी की और उनकी वीडियो बना रहा था। जब उन्होंने उसे वीडियो बनाने से रोका तो सरपंच भड़क गया और दफ्तर की फाइल लेकर वहां से भागने लगा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया और पुलिस ने सरपंच व सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में आज गांव क्लेरकलां में पत्रकार वार्ता करते हुए गांव के सरपंच सुधीर चाबा व पंचायत सदस्यों ने बताया कि बीडीपीओ गुरमीत सिंह ने 3 मार्च की शाम को उन्हें पत्र भेजकर 4 मार्च को मीटिंग के लिए बुलाया था, जबकि वे इतने कम समय में मीटिंग में नहीं पहुंच सकते थे, इसलिए वे अकेले ही बीडीपीओ गुरमीत सिंह से मिलने कार्यालय गए थे, जिन्होंने उन्हें बताया था कि वे मीटिंग के लिए काफी लेट हो गए हैं और सभी सदस्य कहीं बाहर गए हैं तथा हमें मीटिंग के लिए और समय दिया जाए, लेकिन बीडीपीओ ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया, जिसके चलते वे उनकी वीडियो बना रहे थे, क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि अगर कोई अधिकारी किसी की बात नहीं सुनता या भ्रष्टाचार करता है तो उसकी वीडियो बनाकर भेजी जाए, इसलिए वे अपने बचाव के लिए वीडियो बना रहे थे, लेकिन बीडीपीओ ने उन पर हमला कर दिया तथा उनके साथ हाथापाई की, जिसका वीडियो भी उनके पास है तथा उन्होंने पुलिस बुलाकर अपने कर्मचारियों के बयान दर्ज करवाए तथा उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया है।
वहीं पंचायत सदस्य ने कहा कि पर्चे में लिखा है कि सरपंच के साथ पंचायत सदस्य भी मौजूद थे, लेकिन उस समय सरपंच अकेले ही बीडीपीओ से मिलने गए थे, जबकि उनके साथ कोई भी पंचायत सदस्य नहीं गया था। यह झूठा पर्चा सरपंच के खिलाफ दर्ज करवाया गया है।