अमृतसरः जिले में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर लंगर सेवा के दौरान हंगामा हो गया। बताया जा रहा है कि लंगर में हिस्सा न पाने की रंजिश के कारण एक पक्ष ने लंगर लगाने वालों पर हमला कर दिया। हमलावरों ने ना केवल लंगर का सारा सामान छीन लिया, बल्कि सेवा कर रहे लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट भी की। घटना के दौरान कई सेवा करने वाले घायल हो गए, जिन्हें इलाज़ के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल सेवा कर्मी राजिंदर कुमार राजू ने बताया कि वह लंबे समय से लंगर सेवा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से सूचना मिली कि लंगर स्थल पर कुछ लोग बदतमीजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जैसे ही वह मौके पर पहुंचे और मोटरसाइकिल से उतरे, तुरंत ही कुछ युवकों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावर दात, किरपान और डंडों से लैस थे। इस दौरान लंगर की तैयारियों का सामान, छोले, आलू आदि सड़कों पर फेंक दिए गए और लंगर के लिए एकत्रित 15-20 हजार रुपए की नकदी भी लूट ली गई। एक और पीड़ित शंकर ने बताया कि हमले से पहले एक व्यक्ति शराब के नशे में लंगर स्थल के नजदीक गंदगी कर रहा था, जिसे रोकने पर विवाद बढ़ गया। बाद में वह व्यक्ति 20-25 युवकों को लेकर वापस आया और हमला कर दिया। घायलों का कहना है कि वह दो बार थाने गए लेकिन तुरंत कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तीन दिनों बाद पुलिस द्वारा बयान दर्ज किए गए। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिया जाए। साथ ही उन्होंने दुरग्याणा मंदिर कमेटी और अन्य धार्मिक–सामाजिक संस्थाओं से भी मदद की अपील की है। इस मामले में मीडिया द्वारा संबंधित थाना रणजीत एवेन्यू पुलिस अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला हमारे उच्च अधिकारियों के ध्यान में है। इस मामले की जांच करने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस संबंध में किसी भी तरह का बयान मीडिया को नहीं दिया गया।