लुधियानाः जिले में वेरका मिल्क प्लांट के पास जगराओं के कारोबारी के ड्राइवर से 3 अज्ञात बदमाश बैग छीनकर सफेद रंग की इनोवा कार में सवार होकर फरार हो गए। बैग में 30 हजार (कनाडाई डॉलर करीब 18-20 लाख भारतीय रुपए) थे। शिकायतकर्ता नितिन गोयल के बयानों पर पुलिस ने 5 लोगों पर केस दर्ज किया था। वहीं अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीआईए स्टाफ बनकर आए आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था। चीना वेस्टर्न यूनियन के कर्मी के साथ सरबजीत सिंह गनमैन (पूर्व फौजी) मौजूद था। इस दौरान आरोपी दोनों से डॉलर लेकर फरार हो गए। इस मामले में सीआईए स्टाफ और चौंकी इंचार्ज ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में लूट की गुत्थी को सुलझाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करके हथियार बरामद किए है। आरोपी जगराओं से कार चालकों के पीछे लगे हुए थे। इस घटना के बाद यूनियन के कर्मी ने मालिक को सूचना दी।
जिसके बाद पुलिस को शिकायत मिलने पर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में एक आरोपी फरार चल रहा है, जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों की पहचान हरजीत सिंह, जसपाल सिंह और सकत्तर सिंह निवासी अमृतसर, स्टीफन निवासी गुरदासपुर, सरबजीत सिंह उर्फ गोसा लुधियाना के रूप में हुई है। इसमें आरोपी जसपाल अभी फरार चल रहा है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 हजार कनाडाई डॉलर, लाइसेंसी 2 पिस्टल और 12 रौंद बरामद किए गए है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व फौजी सरबजीत पर पहले भी 4 मामले दर्ज है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल किया जाएगा। आरोपियों की पूछताछ में बड़े खुलासे होने की संभावना है। घटना के बाद से आरोपी अलग-अलग गांवों में रह रहे थे।
पीड़ित नितिन ने पुलिस को बताया कि उसने 5 जनवरी को अपने ड्राइवर रवि कुमार को 30 हजार कनाडाई डॉलर देकर लुधियाना में अपने दोस्त दिवाकर के पास भेजा था। जहां ड्राइवर बस के जरिए लुधियाना पहुंचा। जैसे ही वह वेरका मिल्क प्लांट के सामने बस से उतरा उसी बस से 3 युवक भी नीचे उतरे। बदमाशों ने ड्राइवर को रोककर पूछा कि बैग में क्या है जब ड्राइवर ने बताया कि इसमें डॉलर हैं तो आरोपी बैग छीनकर भाग गए थे। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में U/S 304, 61(2) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया था, वहीं आज 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
