पटियालाः जिले के राजिंद्रा अस्पताल में डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है। जिसके चलते आज यानी सोमवार को ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रखने का ऐलान किया गया। हालांकि इस हड़ताल के दौरान डॉक्टर सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को ही चालू रखेंगे। बताया जा रहा हैकि डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए है। एमबीबीएस के बाद अनिवार्य 2 साल के सेवा बॉन्ड और एमडी/एमएस रेजिडेंट के लिए स्टाइपेंड न बढ़ाने के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) शनिवार से हड़ताल पर है। 3 दिन से चल रही हड़ताल का असर अब मरीजों पर पड़ने लगेगा। ऐसे में मरीजों की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
आरडीए की हेल्थ सेक्रेटरी कुमार राहुल के साथ एसोसिएशन की मीटिंग में सहमति न बनने के बाद आरडीए के पदाधिकारियों ने हड़ताल का ऐलान किया। पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन पंजाब ने भी रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल को समर्थन दिया है। ऐसे में आज सरकारी राजिंद्रा अस्पताल में ओपीडी सेवा मुकम्मल तौर पर बंद रहेगी। रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में मरीजों को सर्जरी भी आगे टाल दी गई है। इस मामले में डाक्टरों का दावा है कि इमरजेंसी सेवा किसी तरह से प्रभावित नहीं होगी। आरडीए के अध्यक्ष रमनदीप सिंह ने मीडिया को बताया कि हेल्थ सेक्रेटरी कुमार राहुल के साथ एसोसिएशन की मीटिंग सही रही।
बेशक सरकार ने मांगों को जायज बताया लेकिन इन्हें पूरा करने में 15 दिन का समय मांगा है। उनका कहना है कि लिखित ऑर्डर मिलने के बाद ही हड़ताल समाप्त करेंगे। यहां बता दें कि जिन मरीजों ने अपने चेकअप करवाना है वह जिले के किसी भी सिविल अस्पताल या आयुष्मान क्लिनिक में जाकर अपना इलाज करवा सकते है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने सरकार मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की फीस बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दी है, जिससे मेडिकल छात्रों पर वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है। अधिक फीस और कम स्टाइपेंड मिलने को लेकर रेजिडेंट डाक्टरों में रोष है।