बठिंडाः सिविल अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारियों और पैरामेडिकल स्टाफ ने सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) डॉ. सोनिया गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करते रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण आउटसोर्स कर्मचारी जगमीत सिंह की कथित तौर पर की गई बदली बताया गया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई आउटसोर्स कर्मियों की बदली बिना पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए की गई है, जिससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक दबाव बनाकर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल परिसर में एकत्र होकर एसएमओ के खिलाफ नारेबाजी की और बदली आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग उठाई।

इस दौरान अस्पताल की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण पंजीकरण, जांच और दवाइयों के वितरण की प्रक्रिया धीमी पड़ गई। कई मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। बुजुर्ग मरीजों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा और कई को बिना जांच के ही वापिस लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों ने भी असुविधा जताई और कहा कि उन्हें दोबारा आना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की हानि होगी।
अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों की एकजुटता के कारण कुछ समय तक कामकाज बाधित रहा। मामले को बढ़ता देख आउटसोर्स और पैरामेडिकल कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सिविल सर्जन बठिंडा से मिला और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। कर्मचारियों ने मांग की है कि जगमीत सिंह की बदली तुरंत रद्द की जाए और भविष्य में ऐसी कार्रवाई करने से पहले उचित प्रक्रिया अपनाई जाए। सिविल सर्जन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बदली आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आश्वासन दिया। साथ ही एसएमओ द्वारा कंपनी को की गई शिकायत को भी वापिस करवाया गया। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।