होशियारपुरः होशियारपुर-चब्बेवाल इलाके में माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब गांव पूंजा के माइनिंग कारोबार से जुड़े व्यक्तियों ने डीएसपी चब्बेवाल पर प्रति माह एक लाख रुपये रिश्वत लेने के सनसनीखेज आरोप लगाए। गुस्साए माइनिंग कारोबारीयों ने थाना चब्बेवाल के बाहर धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी की। माइनिंग का काम करने वाले लोगों का दावा है कि डीएसपी कथित तौर पर उनसे हर महीने 1 लाख रुपये ‘महीना’ लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रिश्वत देने के बावजूद पुलिस उनकी रेत भरी ट्रालियों को जब्त कर लेती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में दोष सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
उधर, डीएसपी चब्बेवाल पलविंदर सिंह ने कहा कि आज सुबह उनके द्वारा मुकद्दमा नंबर 137/25 के तहत जांच की गई। इस मामले में जांच के दौरान वह शिकायकर्ता के साथ मिलकर गांव ससोली से चब्बेवाल को आ रहे थे। इस दौरान बिजलौर चौ के पास पुलिस पार्टी और माइनिंग के जेई अमरिंदर सिंह ट्रैक्टर ट्राली को रोककर कार्रवाई कर रहे थे। इस दौरान वह भी घटना स्थल पर रूक गए। उन्होंने बताया कि 3 से 4 व्यक्ति पुलिस पार्टी के साथ बहसबाजी कर रहे थे और वह उन्हें नहीं जानते। डीएसपी ने कहाकि पुलिस पार्टी द्वारा राजीव नामक व्यक्ति को काबू करके पूछताछ कर रहे थे। ट्रैक्टर ट्राली अवैध माइनिंग को लेकर भरी ट्रैक्टर ट्राली को लेकर पूछताछ कर रहे थे।
जिसके बाद एएसआई दिलजीत सिंह को बहसबाजी करने वाले और सरकारी काम में बाधा डालने को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने जब उक्त व्यक्तियों की वीडियो बनानी शुरू की तो उक्त व्यक्ति मौके से फरार हो गए। बाद में पता चला कि थाना चब्बेवाल के बाहर उनके खिलाफ गलत आरोप लगाए। व्यक्तियों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद है। वहीं एएसआई ने बताया कि राजवीर कुमार ट्रैक्टर ट्राली छोड़कर फरार हो गया था और कंटीली तारों में फंसकर गिर गया था। घटना में उसके मामूली चोटें आई है। इस मामले में 3 व्यक्तियों के खिलाफ माइनिंग को लेकर केस दर्ज किया गया। वहीं घटना स्थल से राजीव कुमार को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी संजीव कुमार और मनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। डीएसपी ने कहाकि मामले को दबाने के लिए उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे है।