बठिंडाः कांग्रेसी नेता के बेटे की दो दिन पहले खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में कांग्रेस नेता के बेटे ने बिल्डरों से करोड़ों रुपए ना देने के आरोप लगाए थे। वहीं मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने 3 बिल्डरों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी कर दिया गया है, ताकि वे देश छोड़कर फरार न हो सकें। थाना कैनाल कालोनी पुलिस ने यह मामला परमिंदर कौर पत्नी स्वर्गीय सुखराज सिंह नत्त के बयानों के आधार पर दर्ज किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके बेटे दविंदर पाल सिंह ने आरोपियों को 55 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और अंत रकम लौटाने से इनकार कर दिया। परिवार के अनुसार यह आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि दविंदर पाल सिंह ने अपने लाइसेंसी पिस्तौल से खुद को गोली मार ली।
पुलिस का कहना हैकि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं और लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही हैं। मामले में नामजद आरोपी में बिंदरपाल मित्तल, उनके बेटे प्रतीक मित्तल और भरत मित्तल शामिल हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत केस दर्ज किया गया है। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों के फरार होने की आशंका को देखते हुए एलओसी जारी करना जरूरी कदम था। पुलिस के अनुसार घटना के बाद से तीनों आरोपी फोन बंद कर भूमिगत हो गए हैं। इससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
हालांकि पुलिस का दावा है कि तकनीकी और मानवीय संसाधनों के जरिए जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले में मृतक द्वारा छोड़ा गया सुसाइड नोट और करीब 8 मिनट 45 सेकंड का वीडियो जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। वीडियो में मृतक ने साफ तौर पर बिल्डर परिवार को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने इन्हीं सबूतों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मामला सिर्फ 55 लाख रुपये तक सीमित नहीं था। मृतक ने अपने वीडियो और सुसाइड नोट में दावा किया कि बिल्डरों पर उसका लगभग 5.5 करोड़ रुपये बकाया था।
इतना ही नहीं, उसने अपने दोस्तों और परिचितों से भी 6-7 करोड़ रुपये निवेश के रूप में उक्त फर्म में लगवाए थे। वीडियो में मृतक ने भावुक होकर कहा कि उसने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई, पिता की जमीन बेचकर मिले पैसे, बीमा की राशि और घर की बचत तक इन बिल्डरों को दे दी, लेकिन अब वे पैसे लौटाने से मुकर रहे हैं। उसने इसे अपने साथ हुआ “सबसे बड़ा धोखा” बताया था। घटना के बाद बठिंडा में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। मृतक के परिवार और समर्थकों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर आवाज उठाई है। लोगों में बिल्डर लाबी के खिलाफ नाराजगी भी देखी जा रही है। कई सामाजिक संगठनों ने भी मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।