एजेंट ने 7 महीने अलग-अलग देशों में घुमाया, अमरीका पहुंचा तो पकड़ा गयाः जुगराज
गुरदासपुरः अमेरीका से प्रवासियों को डिपोर्ट करने का मामला लगातार जारी है। अमेरीका से चौथी फ्लाइट से डिपोर्ट होकर आए पंजाब के 4 नौजवानों में से एक जिला गुरदासपुर के गांव चौदरपुर का रहने वाला जुगराज सिंह भी है। जिसने अपनी आप बीती सुनाई। जुगराज सिंह का कहना है कि उसने अपने हिस्से की खेती की जमीन बेचकर और कुछ कर्ज लेकर 40 लाख रुपये इकठ्ठा किए थे। वह अच्छे भविष्य का सपना देखकर अमेरिका गया था।
जुगराज सिंह ने बताया कि वह घर से जुलाई 2024 में गया था, लेकिन एजेंट उसे करीब 7 महीने विभिन्न देशों में घुमाया और फिर पनामा के जंगल से भी निकला। आखिरकार वह 7 फरवरी को मैक्सिको बॉर्डर पार कर अमेरिका पहुंचा, लेकिन वहां उसे अमेरिका की बॉर्डर फोर्स ने पकड़ कर लिया। वहां उसे कैंप में करीब 7 दिन रखा और मानसिक तौर पर काफी यातनाए भी दी। जुगराज सिंह ने बताया कि कैंप से उसके साथ अन्य भारतीय भी जिनमें महिलाएं भी थीं।
14 फरवरी को सैनिक जहाज में हथकड़ियां और बेड़ियां डाल वापस पनामा में भेज दिया गया। पनामा में एक संस्था द्वारा उन्हें एक होटल में रखा गया। जो जेल की तरह बनाया गया है, जिसमें अन्य देशों के लोग भी शामिल है। जिसके बाद उसे और उसके साथ अन्य भारतीयों को फ्लाइट से वापस भारत भेज दिया गया। जब वह पनामा से फ्लाइट में वापस आए तो उन्हें दूसरे मुसाफिरों की तरह ही लाया गया है। रास्ते में फ्लाइट के दो पड़ाव थे, तो वहां उन पर एयरपोर्ट पर निगरानी की गई, जबकि भारत वापस आते हुए उन्हें कोई हथकड़ी नहीं लगाई गई ।
