अमृतसरः दिवाली की रात जहां अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में जमकर पटाखे फोड़े गए और कूड़े के ढेर लग गए, वहीं एक विदेशी पर्यटक ने स्वेच्छा से सफाई अभियान चलाकर मानवता और सेवा की मिसाल पेश की। यह घटना दुर्गियाना मंदिर के पास की है, जहां विदेशी नागरिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर आसपास की सफाई की। यह अंग्रेज पर्यटक हर साल भारत आता है और विशेष रूप से अमृतसर में सेवा कार्यों में भाग लेता है।
सफाई के दौरान उसने कूड़े में पड़े धार्मिक पोस्टरों को देखा और उन्हें बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ एक तरफ रख दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़ी किसी भी वस्तु का सम्मान करना मानवता की पहचान है। सफाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि भारत एक आध्यात्मिक देश है और यहां धार्मिक स्थलों की सफाई तथा पवित्रता बनाए रखना हम सबका कर्तव्य होना चाहिए। इस अभियान को देखकर स्थानीय निवासी गौरवजीत पसरीचा भी प्रेरित हुए और उन्होंने विदेशी नागरिक के साथ मिलकर सफाई में भाग लिया। उसने कहा कि जब कोई विदेशी आकर हमारे शहर की सफाई करता है, तो यह हम सबके लिए एक बड़ा संदेश है। दिवाली से पहले हर कोई अपने घर की सफाई करता है, लेकिन त्योहार के बाद सार्वजनिक स्थानों की सफाई को भूल जाता है। गौरवजीत ने कहा कि सफाई का काम सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि सालभर का होना चाहिए।