लुधियानाः जिले में ट्रांसपोर्ट नगर झुगियों में रहते 2 पक्षों में लोहड़ी के पर्व के दिन पानी भरने को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों में काफी विवाद हो गया, जहां एक पक्ष ने कहा कि दूसरे पक्ष ने उनकी लड़की को किडनैप करने की कोशिश की, जिसके बाद जमकर उनके साथ मारपीट की। इस घटना की वीडियो भी सामने आई है। जहां दोनों पक्षों में जमकर ईंट-पत्थर बरसाए गए। वीडियों में देखा जा सकता है कि विवाद ने तूल पकड़ता देख जमकर ईंट-पत्थरों से हमला किया और लोग वीडियो बनाकर तमाशा देख रहे है। जिसके बाद दोनों में जमकर डंडे बरसाए गए। मीडिया से बात करते हुए आरती ने बताया कि वह 14 जनवरी को लोहड़ी मांगकर घर लौटे थे।
इस दौरान पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की है। इस मामले को लेकर इंसाफ की गुहार लेकर वह पुलिस कमिश्नर दफ्तर पहुंचे। आरोप है कि उनका बच्चा भी दूसरे पक्ष ने खराब कर दिया। पीड़ित ने कहा कि उन्हें झुग्गियों में जाने नहीं दिया जा रहा। जिसके बाद अब वह चाचा के पास ताजपुर रोड़ में रह रहे है। पीड़ित परिवार ने इंसाफ की गुहार लगाई है। वहीं कोमल ने बताया कि वह घर में बैठे हुए थे। इस दौरान उसकी भाभी और उस पर हमला कर दिया। वह जान बचाकर इंडियन पेट्रोल पंप तक भागी और राहगीर ने उसे बचाया। पीड़ित ने आरोप लगाए है कि उस पर डंडे बरसाए गए और यह घटना इंडियन पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
मोती नगर थाने की पुलिस सुनवाई नहीं कर रही, जिसके बाद वह पुलिस कमिश्नर दफ्तर इंसाफ की गुहार लेकर पहुंचे है। दूसरी ओर दूसरे पक्ष के किशन ने बताया कि ईडबल्यूएस कालोनी में झगड़ा हुआ था। वहीं उनके खिलाफ महिलाओं ने थाने में शिकायत दी है। इस मामले को लेकर किशन ने बताया कि 9 तारीख को पानी को लेकर विवाद हुआ था, उनके पिता ट्रांसपोर्ट नगर के प्रधान है और उन्होंने मामला सुलझा लिया था। जिसके बाद 14 जनवरी को दूसरे पक्ष की ओर से 25 से 30 व्यक्तियों के साथ मिलकर उसके पिता और उस पर हमला कर दिया।
उन्होंने कहा कि दोपहर 3 बजे दूसरे पक्ष द्वारा घटना को अंजाम दिया गया। यह घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी को झुग्गियों से निकाला नहीं गया है, लेकिन दूसरे पक्ष द्वारा वहां जाकर गुंडागर्दी की जा रही है। पीड़ित ने कहा कि उनके पास सारे सबूत है और थाना 7 में मामले को लेकर शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा पुलिस को गुमराह किया जा रहा है। पीड़ित ने मांग की है कि उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।