फगवाड़ाः देश में बढ़ रही मंहगाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ऐसे में बढ़ती मंहगाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में चीनी, पेट्रोल सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई पर लगाम लगाने की मांग की है।नेताओं व कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां पकड़ी हुई थी, जिस पर जनता मंगे रोजी रोटी, भाजपा देवे महंगाई चोटी लिखा हुआ था। इस दौरान कांग्रेस विधायक बलविंदर सिंह धालीवाल ने कहाकि जब से देश में भाजपा की सरकार बनी है, हमारा देश सोने की चिड़ियां से बर्बादी की ओर जाने लग गया।
देश का नाम जहां दुनियां में सम्मान से लिया जाता था, लेकिन आज हमारा देश दुनियां से पिछड़ने लगा है। विधायक का कहना है कि देश को भाजपा कॉर्पोरेट घरानों से चला रही है। मन मर्जी से कॉर्पोरेट घराने देश को चला रहे है। देश भर में आज के समय में महंगाई का दौर चल रहा है। यही कारण है कि पेट्रोल, चीनी, प्याज सहित कई अन्य सामान के रेट आसमान को छू रहे है और महिलाओं का घर चलाना मुश्किल हो गया। ऐसे में राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी द्वारा पंजाब भर में बढ़ती महंगाई और भाजपा के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
दरअसल, महंगाई को लेकर लोग काफी परेशान है। इस दौरान यूथ विंग सहित अन्य कार्यकर्ता, नेता और महिलाएं प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंची है। आरोप है कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों के कारण आम आदमी के लिए रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं लगातार महंगी होती जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में खुदरा और थोक चीनी की कीमतों में करीब 40 प्रतिशत वृद्धि हुई है, जबकि कुछ राज्यों में यह बढ़ोतरी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि चीनी की कीमत 65 रुपये प्रति किलो से अधिक हो चुकी है।
पिछले तीन महीनों में चीनी 48 से बढ़कर 67 रुपये और गुड़ 50 से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। उन्होंने चीनी के निर्यात, एथेनाल उत्पादन में गन्ने के इस्तेमाल और महंगाई नियंत्रित करने के लिए आयात नीति पर भी केंद्र सरकार से सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि यदि ई-20 एथेनाल मिश्रण से तेल की बचत हो रही है तो पेट्रोल की कीमतों में आम जनता को राहत क्यों नहीं मिल रही। उन्होंने आटा, दाल, खाद्य तेल, प्याज, चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर महंगाई नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।