मोहाली: पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासत गरमा गई है। दरअसल, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह तथा उनके पुत्र रणइंदर सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (एफईएमए) के उल्लंघन के मामले में जालंधर ईडी ने पूछताछ के लिए समन भेजा है। दोनों पर विदेश में संपत्ति और एक स्विस बैंक खाते का आरोप है।
फिलहाल कैप्टन मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। यह मामला तब चर्चा में आया था जब 2011 में फ्रांस सरकार ने कैप्टन और उनके पुत्र की विदेश संपत्तियों तथा उनके एक स्विस बैंक खाते की जानकारी भारत सरकार को दी थी। इसके बाद 2016 में उनके खिलाफ लुधियाना में मामला दर्ज किया गया था। वहीं इस मामले के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन को कांग्रेस पार्टी में आने का न्यौता दे दिया। ईडी का सम्मन मिलने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी कि कैप्टन ने कांग्रेस के साथ नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं, इसलिए ईडी ने उन्हें और उनके बेटे को सम्मन जारी कर दिया ताकि वो कांग्रेस में वापसी करने से पहले सोच लें।
उधर, लुधियाना में आज ही कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी व पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जयइंद्र कौर ने लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि ईडी का सम्मन पहले भी था और अब भी वही है। उसका जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कहीं नहीं जा रहे हैं। वो भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। बता दें कि भूपेश बघेल से पहले कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह के चिर विरोधी रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा व प्रताप सिंह बाजवा भी कुछ समय पहले उनकी तारीफ कर चुके हैं और उन्होंने भी पार्टी में आने का ऑफर दिया था। हालांकि उसके बाद बाजवा व रंधावा ने फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेरना शुरू कर दिया था।
