मोहालीः कोर्ट अदालत परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब वांछित रियल एस्टेट कारोबारी भूमि माफिया राकेश सोमन उर्फ रॉकी पेशी के बाद कोर्ट से भाग गया। मिली जानकारी के अनुसार राकेश सोमन अन्य मामले में अदालत में पेश होने आया था। बताया जा रहा है कि 13 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के मामले में पुलिस ने उसे अरेस्ट किया है। इसके साथ ही नेता की पत्नी बलजीत कौर और एक अन्य साथी बिक्रम सूरी को धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वास भंग और धमकी देने के केस में नामजद किया गया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने उसे गैंगस्टरों और झूठे केसों में फंसाने की धमकियां दी।
इस दौरान उसने अचानक मौके का फायदा उठाकर सीपी-67 की ओर भाग गया। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर काबू कर लिया। इस दौरान कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया लेकिन पुलिस ने स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ थाना मटौर में मामला दर्ज कर लिया गया है। उस पर कई धाराओं के तहत केस दर्ज है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह करीब 13 करोड़ रुपये की ठगी के मामलों में शामिल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को दोबारा हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-70 निवासी हरमनजीत सिंह कोहरी ने अपनी शिकायत में बताया कि जनवरी 2025 में राकेश सोमन ने उन्हें सेक्टर-70 की अपनी प्रॉपर्टी खरीदने का ऑफर दिया। बाद में सोमन ने हसनपुर गांव (लल्लू) के पास भरतमाला हाईवे के किनारे 22 एकड़ जमीन का 50-50 पार्टनरशिप डील प्रस्ताव रखा। कुल डील वेल्यू 55 करोड़ रुपये बताई गई। कोहरी ने अपने निवेशकों (बिक्रमजीत सिंह टूर और विशाल सिंह) के जरिए करीब 13 करोड़ 10 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में (कैश और बैंक ट्रांसफर) राकेश सोमन को दिए। पैसे कंपनी के खातों में जमा कराए गए।
जुलाई 2025 में राकेश सोमन ने हसनपुर की जमीन का सेल डीड दिखाया, लेकिन बाद में पता चला कि यह जमीन नो कंस्ट्रक्शन जोन में है। खरीद मूल्य सिर्फ 40 लाख रुपये प्रति एकड़ था, जबकि कोहरी से 2.25-2.80 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का रेट लिया गया। खसरा नंबर और रेवेन्यू मैप मैच नहीं कर रहे थे। शिकायत में आरोप है कि जब कोहरी और उनके निवेशक पैसे वापस मांगने लगे तो राकेश सोमन ने हथियार दिखाकर दस्तावेज साइन करवाए। आरोप है कि आरोपी ने उसे झूठे केस (SC/ST एक्ट, ISI एजेंट, आदि) में फंसाने की धमकियां दी। इसी के साथ ही CBI-विजिलेंस में शिकायत करने की धमकी दी। गैंगस्टरों के जरिए जान से मारने की धमकी दी।