अमृतसरः पंजाब में एक ओर सभी पार्टियां 2027 के चुनावों को लेकर तैयारियां कर रही है। दूसरी ओर भाजपा में कलह सतह शुरू हो गई है। यही कारण है कि भाजपा के महासचिव ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। जगमोहन सिंह राजू ने 2022 का चुनाव अमृतसर पूर्व से भाजपा के चुनाव चिन्ह पर लड़ा था और सितंबर 2023 में महासचिव बनाया गया था। बताया जा रहा है कि राजू ने 4 पेज का इस्तीफा लिखा है। पंजाब भाजपा में यह पहला मौका है जब किसी महासचिव ने अपने कार्यकाल के दौरान अपने पद से इस्तीफा दिया हो।
आमतौर पर महामंत्री अपना कार्यकाल पूरा करते हैं। जिसमें उसने संगठन महामंत्री मंथरी श्रीवासुलू और अमृतसर के जिला प्रधान हरविंदर संधू को पर कई गंभीर आरोप लगाए है। हैरानी की बात यह है कि जगमोहन सिंह का इस्तीफा भी तब आया, जब पार्टी प्रदेश में संगठनात्मक चुनाव करवाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री श्रीवासुलू को लेकर पार्टी में लंबे समय से नाराजगी चल रही थी। श्रीवासुलू पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वह संगठन के कार्यों में अपनी सीमा से बाहर जाकर हस्तक्षेप करते हैं।
वहीं, संगठन के लोगों के साथ उनका व्यवहार भी अच्छा नहीं है। जिसके कारण पूरी पार्टी में उन्हें लेकर नाराजगी चली आ रही है। इस बात की जानकारी पार्टी हाईकमान को भी थी। सूत्र बताते हैं कि जाखड़ के इस्तीफे के पीछे भी संगठन महामंत्री की मनमानियां है। पिछले दिनों ही भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष चंडीगढ़ व हरियाणा के पार्टी कार्यों के लेकर चंडीगढ़ आए थे। इस दौरान उन्होंने संगठन के पांचों महासचिवों को बैठक के लिए बुलाया था। जहां पर बीएल संतोष पार्टी के कामकाज को लेकर नाखुश दिखे और उन्होंने महासचिवों को झाड़ा भी था। इस घटना के 15 दिन बाद ही राजू ने इस्तीफा दे दिया है।
