पठानकोटः बॉर्डर क्षेत्र बमियाल से कुछ दूरी पर स्थित जम्मू के कठुआ के गांव ऐरमां में 3 संदिग्ध देखे गए। हालांकि पुलिस ने बमियाल कस्बे की ओर से पैदल आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को काबू किया है। व्यक्ति की पहचान 35 वर्षीय दर्शन कुमार राणा निवासी अहमदाबाद, गुजरात के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार संदिग्ध गतिविधियों के कारण ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ जवानों ने पूछताछ की और दर्शन कुमार ने बताया कि वह पर्यटक है, बॉर्डर के ग्रामीण इलाकों में घूम रहा है। वह पठानकोट से बस के जरिए यहां पहुंचा था।

पठानकोट पुलिस के अनुसार पकड़ा गया युवक मानसिक रूप से स्वस्थ और सामान्य है। उसके पास से इंडियन पासपोर्ट, एजुकेशन सर्टिफिकेट और नौकरी से संबंधित डॉक्यूमेंट मिले। पठानकोट पुलिस ने कस्टडी में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। महिला की सूचना पर और संदिग्ध दिखने के बाद पठानकोट में हाई अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही बॉर्डर क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। बमियाल, नरोट जैमल सिंह एरिया में पुलिस की ओर से बॉर्डर पार से आने-जाने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक पठानकोट के बमियाल गांव की सीमा से लगती जिला कठुआ की पुलिस चौकी नगरी के गांव ऐरमां की एक महिला ने सेना की वर्दी पहने 3 संदिग्ध देखने का दावा किया।
इसके बाद पंजाब के साथ जम्मू-कश्मीर के जिला कठुआ के गांव में जेएंडके पुलिस ने सर्च अभियान चलाया। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध दिखने की सूचना के बाद पठानकोट के बॉर्डर एरिया में सुरक्षा कड़ी कर दी है। इंटर स्टेट नाकों पर और बॉर्डर के गांवों को जाने वाले रास्तों पर पुलिस आने-जाने वालों से पूछताछ कर रही है। कठुआ से सटे एरिया में दाखिल होने वाले वाहनों जांच की जा रही है। लंबे समय से जिला पुलिस अलर्ट पर है। अब चौकसी ओर बढ़ा देने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने बताया कि गांव ऐरमां की महिला ने बताया कि जब वह रात को घर के आंगन में आई तो बाहर आहट सुनाई दी।
उसने देखा कि सेना की यूनिफॉर्म पहने 3 लोग कुछ बातचीत कर रहे हैं। महिला ने इसकी जानकारी पारिवारिक सदस्यों को दी। इसके बाद पारिवारिक सदस्यों ने दरालां गांव में अपने रिश्तेदार को फोन पर जानकारी दी और पुलिस को सूचित किया। जिला कठुआ का एरवां गांव पठानकोट के बमियाल क्षेत्र से मात्र करीब 10 किलोमीटर दूरी पर है। जिस एरिया में संदिग्ध व्यक्ति देखे जाने का मामला सामने आया है। उक्त गांव से कुछ किलोमीटर दूर जिला कठुआ का हरीया चक्क गांव पड़ता है जो आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियों और छिपने के ठिकानों का गढ़ है।