अमृतसर : अजनाला निवासी सेना के जवान की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। 24 सिख रेजिमेंट में जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। जिसका शव आज गांव पहुंचने पर अंतिम संस्कार किया गया। युवक सुखप्रीत सिंह अजनाला के गांव वंजावाला का रहने वाला था। 13 साल से सेना में कार्यरत थे। सुखप्रीत सिंह के पिता रणजीत सिंह भी एक सेवानिवृत्त सैनिक हैं। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुखप्रीत के पिता और दादा दोनों ने ही फौज में सेवा निभाई है। सुखप्रीत सिंह के फौज से रिटायर्ड पिता रंजीत सिंह और बेटे गुरफतेह सिंह ने उसे मुखाग्नि दी। इससे पहले उसके शव को अंतिम अरदास और अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जहां एनआरआई अफेयर्स मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल, एसएसपी रूरल सतिंदर सिंह सहित एसडीएम अरविंदरपाल सिंह, डायरेक्टर कंवर प्रताप सिंह अजनाला ने श्रद्धा के फूल भेंट किए।
सुखप्रीत के पिता रंजीत सिंह और दादा जी भी फौज से रिटायर हुए थे। वहीं सुखप्रीत एक साल पहले ही चाइना बॉर्डर से जम्मू के सांबा जिले में तैनात हुए था। सुखप्रीत 24 सिख रेजिमेंट का सिपाही था और ड्यूटी दौरान ही उसे हार्ट अटैक आया। जहां उसे आर्मी अस्पताल में लें जाया गया और वहीं पर उसकी कल सुबह मौत हो गई थी। सुखप्रीत ने 13 साल पहले फौज ज्वाइन की थी। उसकी शादी को अभी सिर्फ 10 साल ही हुए हैं वहीं उसका एक ही 5 साल का बेटा है। सुखप्रीत अपने मां बाप का इकलौता पुत्र था। इस दौरान परिवार के साथ दुख सांझा करते हुए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा की परिवार की हर संभव मदद की जाएगी उन्होंने कहा की फौज की ओर से सारी कागजी कार्यवायी पूरी होने के बाद सरकार की तरफ से जो भी मदद होगी उसे किया जायेगा।
