चंडीगढ़, 1 जून: पंजाब ने मई 2026 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को बताया कि राज्य की GST वसूली में पिछले वर्ष की तुलना में 14.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि मई 2026 में पंजाब का कुल GST संग्रह ₹2,400.52 करोड़ रहा, जबकि मई 2025 में यह आंकड़ा ₹2,094.81 करोड़ था। इस तरह राज्य के राजस्व में ₹305.71 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि यह वृद्धि राज्य में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और कराधान विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम है।
राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा पंजाब का प्रदर्शन
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि GST संग्रह के मामले में पंजाब का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर की तुलना में काफी बेहतर रहा है। उन्होंने बताया कि जहां देशभर में GST राजस्व वृद्धि लगभग 3.2 प्रतिशत रही, वहीं पंजाब ने 14.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।
उन्होंने कहा कि राज्य की नकद कर वसूली में भी 6.57 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह दर्शाता है कि करदाताओं द्वारा नियमों का पालन बढ़ा है और विभाग की निगरानी प्रणाली अधिक प्रभावी हुई है।
कर चोरी के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी सफलता
वित्त मंत्री ने बताया कि मई 2026 के दौरान राज्य की State Intelligence and Preventive Units (SIPUs) ने ₹182.69 करोड़ का जुर्माना लगाया और ₹178.76 करोड़ की वसूली की। यह कार्रवाई डेटा एनालिटिक्स, खुफिया सूचनाओं, जांच अभियानों और विशेष सत्यापन प्रक्रियाओं के आधार पर की गई।
उन्होंने बताया कि कर विभाग ने ₹85.4 करोड़ के फर्जी बिलिंग रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इस मामले में लुधियाना स्थित एक कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने फर्जी लेनदेन के जरिए ₹15.56 करोड़ का गलत Input Tax Credit (ITC) हासिल किया।
जांच में सामने आया कि फर्जी कंपनियों, नकली बिलों, गलत डेबिट नोट और फर्जी परिवहन रिकॉर्ड का उपयोग कर कर चोरी को अंजाम दिया जा रहा था। विभाग ने इस मामले से जुड़े लाभार्थियों से लगभग ₹3 करोड़ की राशि भी बरामद की है।
सरकार ने दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर चोरी रोकने के लिए आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, ई-वे बिल निगरानी, FASTag सत्यापन और खुफिया सूचनाओं का उपयोग कर रही है। उन्होंने दोहराया कि फर्जी बिलिंग और संगठित कर चोरी के मामलों को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि आबकारी एवं कराधान विभाग आगे भी करदाताओं को सुविधाएं देने के साथ-साथ सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जारी रखेगा, ताकि राज्य के राजस्व हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

