चंडीगढ़, 7 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने शनिवार को 30 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के आठवें बैच को सिंगापुर की प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण के लिए रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण 8 से 14 मार्च तक चलेगा और अब तक कुल 234 प्रिंसिपल और शिक्षा अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण देने के लिए सिंगापुर भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को वैश्विक शिक्षा पद्धतियों से परिचित कराना और राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है, ताकि पंजाब के विद्यार्थियों को विश्व स्तरीय शिक्षा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रिंसिपल आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण पद्धतियों को सीखते हैं और लौटने के बाद इन अनुभवों को अपने स्कूलों में लागू करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है और सरकारी स्कूलों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए योग्यता प्राप्त की है।

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कई राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 का कड़ा विरोध करेगी क्योंकि यह राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप है। साथ ही उन्होंने कहा कि 20 मार्च को टाटा स्टील का 3,200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू होगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की टिप्पणी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने की बात करते थे, उन्होंने इसे ‘विश्व चेला’ बना दिया है।