36,792 घरों के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी
चंडीगढ़: पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी अगुवाई में पंजाब सरकार राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध करवाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि कच्चे मकानों और अन्य तंगहाली में रह रहे परिवारों को सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही आवासीय योजनाओं का लाभ मिले। सौंद ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उनकी सरकार ने राज्य में मिसाली विकास किया है। वर्ष 2024-25 से लेकर अब तक पंजाब में कुल 36,792 घरों को सीधी वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी दी गई है। इनमें से 17,000 घरों का निर्माण 478.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से पूरा हो चुका है और शेष 19,792 घरों के निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बहुत से परिवार उचित आवास सुविधाओं से वंचित हैं और ये आंकड़े ऐसे परिवारों को पक्के मकान प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि लाभार्थियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवासीय वातावरण प्रदान करना भी है।इस पैकेज के तहत 30,000 क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण और मरम्मत का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 28,020 घरों को मंजूरी दे दी गई है, जबकि वित्तीय सहायता के रूप में पहली और दूसरी किस्त पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई है।
सरकार की आवासीय पहलों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने दोहराया कि भगवंत मान सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिले और संसाधनों की कमी के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी इस योजना के लाभों से वंचित न रहे।
पंजाब सरकार की पहलों का असर लाभार्थियों के जीवन में स्पष्ट देखा जा सकता है। जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव मछराए कलां के निवासी और ग्रामीण आवासीय योजना के लाभार्थी, प्रीतम सिंह ने बताया कि उनका परिवार पहले कच्चे मकान में रह रहा था। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार से मिली सहायता ने उनके परिवार को पक्के मकान में रहने योग्य बनाया है, जिससे उन्हें उचित आवासीय वातावरण और राहत मिली है।