लुधियानाः पंजाब के लुधियाना सदर थाने में शिअद के पूर्व तकनीकी शिक्षा मंत्री जगदीश सिंह गरचा पर एफआईआर दर्ज हुई है। बता दें कि पूर्व मंत्री के खिलाफ ग्लाडा का 14.33 करोड़ रुपए का बकाया न चुकाने पर विभाग ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दी गई थी। जिसके आधार पर पुलिस ने पंजाब अपार्टमेंट और संपत्ति अधिनियम की धारा 36(1) के तहत मामला दर्ज किया है। पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट के तहत कॉलोनी विकसित करने के लिए गरचा फर्म को लाइसेंस जारी किया गया था, जो दिसंबर 2013 तक वैध था। लेकिन, फर्म का लाइसेंस अभी तक रिन्यू नहीं कराया गया था और प्रोजेक्ट भी अधूरा छोड़ दिया गया।
जिसके चलते लुधियाना पुलिस ने ग्रेटर लुधियाना एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप में 88 वर्षीय जसवंत सिंह गरचा के खिलाफ ये कार्रवाई की है। पुलिस को दी गई शिकायत में GLADA के अतिरिक्त मुख्य प्रशासक ने कहा कि गरचा ने अपनी फर्म M/S GS टाउनशिप के माध्यम से 2010 में ललतों कलां गांव में 70 एकड़ प्रमुख भूमि पर एक कॉलोनी बनाने का लाइसेंस प्राप्त किया था। हालांकि, उन्होंने न तो लाइसेंस रिन्यू करवाया और न ही प्रोजेक्ट पूरा किया। शिकायत में कहा गया है कि जगदीश गरचा ने कथित तौर पर EDC लाइसेंस शुल्क और दंडात्मक ब्याज सहित 14.33 करोड़ रुपए की लंबित बकाया राशि का भुगतान भी नहीं किया।
गरचा दो बार विधायक रह चुके हैं। शिकायत में कहा गया कि गरचा को कॉलोनी बनाने का लाइसेंस पंजाब अपार्टमेंट और संपत्ति अधिनियम के तहत जारी किया गया था, जो दिसंबर 2013 तक वैध था।जगदीश सिंह गरचा के बेटे हरजिंदर सिंह गरचा ने कहा कि कॉलोनी विकसित करने के लिए उनका दिल्ली की फर्म अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ संयुक्त समझौता हुआ था। इस बीच, आर्थिक अपराध शाखा ने कुछ अन्य मामलों में अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। कॉलोनी बनाने का मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि 19 जनवरी को GLADA ने पुलिस को उनके खिलाफ दायर शिकायत पर कार्रवाई रोकने के लिए फिर से लिखा था। हालांकि, पुलिस ने पत्र को नजर-अंदाज कर दिया और फिर भी उसके पिता के खिलाफ FIR दर्ज की।
