अमृतसर : सेक्युलर रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। एक पीड़ित परिवार ने हाथों में बैनर लेकर अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल नहीं है, यह एक बूचड़खाना है। जहां बच्चों को मारा जाता है। पीड़ित परिवार ने बताया कि बच्चे के जन्म से पहले रोजाना चैकअप के लिए आते थे और 8 बार अल्ट्रासाउंड भी करवाए है। अस्पताल प्रशासन की ओर से हमें बताया गया कि आपका बच्चा बिल्कुल ठीक है। जिसके बाद लड़की का जन्म हुआ। जन्म के समय लड़की का रंग नीला हो गया। जिसके बाद हमें पता चला और हमने डॉक्टरों से सलाह ली और डॉक्टरों ने फिर भी हमें कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि बच्चा बिल्कुल ठीक है। जब हमने इस बारे में दूसरे अस्पताल से संपर्क किया तो डॉक्टर ने हमें बताया कि आपके बच्चे के दिल में दो छेद है। आपको धोखा दिया जा रहा है। जब हमने डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लेने की कोशिश की तो डॉक्टरों ने हमें कोई ठोस जवाब नहीं दिया। जिसके चलते हम दूसरे डॉक्टरों के पास गए तो उन्होंने भी हमें बताया कि आपका बच्चा ठीक नहीं है। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को दूसरे अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां उसने हमारे सामने ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। हमने अस्पताल के खिलाफ पुलिस से शिकायत भी की। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और आज हमें मजबूरन इस अस्पताल से बाहर रोष प्रदर्शन करना पड़ रहा है।
हम अपनी बेटी की मौत का इंसाफ मांगने के लिए यहां खड़े है। पीड़ित परिवार ने कहा कि इन डाक्टरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही हो। वही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने डॉक्टरों से पीड़ित परिवार से बात करने की कोशिश की तो, पीड़ित परिवार, डॉक्टरों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाए पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार को धक्का देकर अस्पताल से बाहर निकाला और डॉक्टरों ने भी परिवार को धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इस मौके पर जब सिविल लाइन थाने के पुलिस अधिकारी अमोलक दीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के घर एक बच्ची पैदा हुई थी और उसकी मौत हो गई। जिसके लिए वे डॉक्टरों को जिम्मेदार ठहरा रहे है। उन्होंने कहा कि इसकी जांच सिविल सर्जन डिपार्टमेंट द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।