पंचकूला: साल 2025 के दौरान पंचकूला पुलिस ने 488 गुमशुदा और बिछड़े लोगों को सुरक्षित तौर पर उनके परिवार वालों से मिलवाया है। पुलिस की थाना-चौकी, साइबर सेल, ईआरवी, दुर्गा शक्ति और फील्ड में मौजूद टीमों ने एकसाथ मिलकर बिछड़े लोगों को मिलवाने में सफलता हासिल की है।
जिन 488 लोगों को पुलिस ने मिलवाया है इनमें 18 साल से कम उम्र के 162 बच्चे शामिल हैं। इसमें 40 लड़के और 122 लड़कियां है। आयु वर्ग के अनुसार, 0-5 साल के बीच 12 बच्चे (5 लड़के और 7 लड़कियां), 5-14 साल की उम्र में 36 बच्चे (17 लड़के और 19 लड़कियां) और 14-18 साल की उम्र में 114 बच्चे शामिल हैं इसमें 18 लड़के और 96 लड़कियां शामिल हैं।
ऐसे ही 18-35 साल की उम्र में पंचकूला पुलिस ने 255 गुमशुदा व्यक्तियों को ट्रेस किया है। इसमें 55 पुरुष और 200 महिलाएं शामिल है। 35 साल से ज्यादा उम्र के 71 लोगों को पुलिस ने ढूंढकर उनके परिवार वालों तक पहुंचाया है इसमें 44 पुरुष और 27 महिलाएं शामिल है।
इस बारे में जानकारी देते हुए डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि जिले की थाना और चौकी स्तर की टीमों ने साइबर सेल तथा फील्ड में एक्टिव ईआरवी व दुर्गा शक्ति टीमों के साथ से लगातार प्रयास करते हुए इन सभी गुमशुदा व्यक्तियों को सुरक्षित ढूंढकर उन्हें उनके घर तक पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जहां लोग घरेलू नाराजगी या अन्य कारणों से ट्रेन और बसों के जरिए से अन्य राज्यों तक पहुंच गए थे परंतु पुलिस टीमों ने लगातार कोशिश करके उन्हें सुरक्षित परिवार वालों से मिलवाया।
डीसीपी ने बताया कि इस दौरान कुछ चुनौतियां भी सामने आई। ऐसा इसलिए क्योंकि गुमशुदा व्यक्ति मानसिक तौर पर इतने सक्षम नहीं थे कि वो अपना नाम, पता या फिर पहचान बता पाएं। ऐसे मामलों में फील्ड में तैनात टीमों ने व्हाट्सएप्प ग्रुप्स, स्थानीय स्तर पर भ्रमण, तकनीकी सहायता और आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करके पहचान सुनिश्चित की।
इसके बाद सभी लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया। पंचकूला के पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाना हमारी प्राथमिकता रही है। भविष्ट में भी पंचकूला पुलिस हर बिछड़े हुए व्यक्ति के लिए भरोसे की किरण बनी रहेगी।
अंत में डीसीपी ने सभी लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई भी लापता या भटका हुआ व्यक्ति मिले तो तुरंत 112 नंबर नजदीकी थाना या चौकी में सूचना दें ताकि समय रहते उस व्यक्ति को उसके परिवार वालों से मिलवाया जाए।
