श्री मुक्तसर साहिबः जिले की पुलिस और ड्रग कंट्रोल विभाग ने बठिंडा में एक अवैध फैक्ट्री को सील किया है। ड्रग कंट्रोल विभाग पंजाब द्वारा नशे को रोकने के लिए एक बठिंडा के ग्रोथ सेंटर में स्थित एक औद्योगिक फैक्ट्री को सील किया गया है। जानकारी के अनुसार विभाग ने इस फैक्ट्री से ढाई लाख से अधिक दवाइयां भी जब्त की हैं, जिनका फैक्ट्री प्रबंधकों के पास कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं मिल सका।
इसके अलावा विभाग ने दवाइयां बनाने वाला कुछ कच्चा माल भी अपने कब्जे में लिया है। श्री मुक्तसर साहिब के एसएसपी अभिमन्यु राणा के नेतृत्व में जिला पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुट गई है। मोहाली जिले के थाना कलियांवाली में 26 नवंबर 2025 को एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जिससे जांच के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली है।
इस मामले में मनीष कुमार और साहिल कुमार को गिरफ्तार करके उनके कब्जे से 20 ऐटीज़ोलाम गोलियां और 80 प्रेगाबेलिन कैप्सूल के अलावा 7,26,000 रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई है। पुलिस से पूछताछ के दौरान, कृष्ण कुमार (गिरफ्तार आरोपी का भाई), और वंश कवात्रा, पुत्र अनिल कुमार, निवासी मंडी डबवाली के नाम सामने आए, जिन्हें गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि वंश कवात्रा मंडी डबवाली में एक मेडिकल स्टोर चला रहा था।
उनके निशानदेही पर पांच जनवरी को दोनों से 30,000 टैपैंटाडोल गोलियां बरामद की गईं। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नशीली दवाइयों की सप्लाई माणा्सा रोड, बठिंडा से प्राप्त कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने माणा्सा रोड, बठिंडा स्थित फार्मास्यूटिकल यूनिट पर शनिवार को छापा मारा, जिसके दौरान भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री मालिक कोई वैध दस्तावेज भी पेश नहीं कर सका। इस छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 1,85,000 खोली गई गोलियां, 42,350 जेंटाडोल गोलियां, 1,22,400 टैपैंटाडोल गोलियां और लगभग 10 किलो कच्चा माल भी जब्त किया है। पुलिस की पेशेवर जांच, मजबूत बैकवर्ड लिंक और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, उक्त अवैध दवा बनाने वाली फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और आगे कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
एसएसपी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि नशीली दवाइयों की सप्लाई चेन से जुड़े किसी भी स्तर के नशा तस्कर को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाईयां भविष्य में भी बड़े स्तर पर लगातार जारी रहेंगी।