पंचकूला: अपराध को नियंत्रण करने और अपनी रणनीति को मजबूत बनाने के लिए 2026 के लिए पुलिस एक मास्टर प्लान बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में बीती शाम डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता की अध्यक्षता में सेक्टर-1 पंचकूला जिले के सचिवालय कॉन्फ्रेंस हॉल में करीबन 4 घंटे तक मैराथन क्राइम मीटिंग आयोजित की गई।
इस मीटिंग में जिले के सभी एसीपी, थाना प्रभारी और चौंकी इंचार्ज शामिल हुए। मीटिंग में अपराध की समीक्षा लंबित मामले, महिला अपराधों, तकनीकी सशक्तिकरण और जनता से बेहतर संवाद कैसे की जाए इन मुद्दों पर विस्तार में चर्चा की गई। बैठक के दौरान सृष्टि गुप्ता ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि चोरी, स्नैचिंग और लूट जैसे अपराधों पर पूरी गंभीरता और एक्टिव होकर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने सभी लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और गुणवत्ता में सुधार करने पर खास जोर दिया ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाए। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने जिले में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को अत्यंत संवेदनशील बताया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और भी ज्यादा सतर्कता बरती जाए और तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पंचकूला पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। हर शिकायत को गंभीरता के साथ लेते हुए पीड़िता को सुरक्षित एंव भरोसेमंद वातावरण मिलना चाहिए। बैठक में डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने पुलिसकर्मियों को मानवीय दृष्टिकोण को अपनाने की सख्त हिदायत दे दी है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई नागरिक थाना या चौकी में आता है तो वह पहले से ही पीड़ा में होता है।
ऐसे में यह पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि उसकी समस्या को अपनी समस्या समझकर संवेदनशीलता के साथ उसकी मदद की जाए। इसी भावना को मजबूत करने के लिए मेरी थाना, मेरी जिम्मेदारी पहल को और प्रभावी तौर पर लागू करने पर जोर दिया गया ताकि हर पुलिसकर्मी थाना क्षेत्र को अपनी परिवार की तरह समझे और किसी भी आपराधिक घटना होने पर तुरंत मौके पर पहुंचे। साल 2026 में पंचकूला पुलिस को और ज्यादा स्मार्ट और तकनीक में सक्षम बनाने की दिशा में खास कदम उठाए जा रहे हैं।
डीसीपी ने यह बताया कि पुलिसकर्मियों को टेक्नोलॉजी के मुताबिक ही ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें एआई आधारित ऐप्स, पुलिस प्रणाली में इस्तेमाल होने वाले नए सॉफ्टवेयर और आधुनिक टूल्स का प्रशिक्षण भी शामिल होगा। इसके लिए खास लैब भी बनाई गई है और पूरे प्रशिक्षण की रुपरेखा बनाई जा रही है। डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने जानकारी दी है कि पिछले साल के अंतिम चरण में पंचकूला पुलिस के द्वारा सभी ऑफिसों, पुलिस थानों, चौकियों, यातायात चौकियों और सभी प्रमुख पुलिस संपर्क बिंदुओं पर क्यूआर कोर्ड लगाए गए थे।
इन क्यूआ कोड्स के जरिए से नागरिक अपने फोन से सीधे फीडबैक फॉर्म तक पहुंच सकते हैं और पुलिस सेवा की गुणवत्ता, पुलिस कर्मियों के व्यवहार और उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर रेटिंग दे सकते हैं। इस पहल से नागरिकों को अपना अनुभव साझा करने का भी मौका मिलेगा। पुलिस सेवा वितरण में निरंतर सुधार की दिशा में भी जरुरी फीडबैक मिलेगा।
वर्तमान समय में लोग एक्टिव तौर पर पुलिस को रिव्यू कर रहे हैं। इससे पुलिसिंग और भी अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। पंचकूला पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज ने कहा कि साल 2026 में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, तकनीकी सशक्तिकरण और जनता के विश्वास को मजबूत बनाने की लिए पूरी मेहनत से काम करेगी। इससे जिले में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था और भी ज्यादा मजबूत बनेगी।