नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये वंदे भारत ट्रेन तीन मार्गों – मेरठ-लखनऊ, मदुरै-बेंगलुरु और चेन्नई-नागरकोइल की कनेक्टिविटी को और बेहतर करेंगी। मेरठ सिटी-लखनऊ वंदे भारत ट्रेन यात्रियों का वर्तमान में दोनों शहरों के बीच सबसे तेज ट्रेन की तुलना में लगभग एक घंटा बचाएगी। ये तीन ट्रेनें वर्तमान में संचालित 100 से अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के नेटवर्क में शामिल हो जाएंगी, जो 280 से अधिक जिलों को जोड़ेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें से एक वंदे भारत ट्रेन चेन्नई सेंट्रल से नागरकोइल, दूसरी मदुरै से बेंगलुरु कैंट और तीसरी मेरठ सिटी-लखनऊ तक जाएगी। नागरकोइल जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को शुरू में चेन्नई सेंट्रल से रवाना किया जाएगा, लेकिन यह नियमित रूप से चेन्नई एग्मोर से चलेगी। यह बुधवार को छोड़कर प्रतिदिन चलेगी। ट्रेन संख्या 20627 चेन्नई एग्मोर से सुबह 5 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:50 बजे नागरकोइल पहुंचेगी। इस दौरान यह तांबरम, विल्लुपुरम, तिरुचिरापल्ली, डिंडुगल, मदुरै, कोविलपट्टी और तिरुनेलवेली में रुकेगी।
वापसी की ट्रेन नागरकोइल से दोपहर 2:20 बजे रवाना होगी और रात 11 बजे चेन्नई पहुंचेगी। मदुरै और बेंगलुरु कैंटोनमेंट के बीच वंदे भारत ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। ट्रेन संख्या 20671 सुबह 5:15 बजे मदुरै से रवाना होगी और दोपहर 1 बजे बेंगलुरु छावनी पहुंचेगी, जो डिंडुगल, तिरुचिरापल्ली, करूर, नमक्कल, सेलम और कृष्णराजपुरम पर रुकेगी।
वापसी में यह दोपहर 1:30 बजे बेंगलुरु से रवाना होगी और रात 9:45 बजे मदुरै पहुंचेगी ।वंदे भारत ट्रेनों के निर्माण के लिए अब तक उपयोग की गई कुल धनराशि 1,343.72 करोड़ रुपये है। रेल मंत्री ने कहा कि यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए इन ट्रेनों को शुरू किया गया है, जिसमें आधुनिक कोचों में बेहतर सुरक्षा और अन्य सुविधाएं है।
