करदाताओं को योजना के प्रावधानों के प्रति किया गया जागरूक
फगवाड़ाः आयकर विभाग, उत्तर पश्चिम क्षेत्र की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक दिवसीय जागरूकता एवं शिक्षण कार्यक्रम ‘आयकर चिंतन शिविर’ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कर कानूनों में हुए हालिया बदलावों, अनुपालन प्रक्रिया और विभागीय अधिकारियों के व्यावहारिक अनुभवों पर चर्चा की गई। इसमें आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, पेशेवरों और अन्य आमंत्रित अतिथियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीबीडीटी नई दिल्ली के सदस्य प्रसेनजीत सिंह आईआरएस रहे। प्रसेनजीत सिंह ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम, 2025′ को लेकर आउटरीच कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विदेशी संपत्तियां रखने वाले छोटे करदाताओं को योजना के प्रावधानों और प्रकटीकरण प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया।
इसमें मयंक प्रियदर्शी, प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ के साथ-साथ उत्तर पश्चिम क्षेत्र में तैनात आयकर विभाग के सभी मुख्य आयुक्तों और प्रधान आयुक्तों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह शिवदान सिंह भदौरिया, पी.सी. आई.टी.-1 एवं पी.सी. आई.टी. ए.यू.-1, जालंधर द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई, जिसके बाद औपचारिक उद्घाटन कार्यक्रम हुआ। इसके अंतर्गत सरस्वती वंदना, तत्पश्चात राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान तथा डॉ. जी.एस.पी. किशोर, आई.आर.एस., सी.सी. आई.टी., अमृतसर द्वारा मुख्य भाषण दिया गया। इसमें उन्होंने ऐसे आयोजनों के उद्देश्य तथा विभाग के कर्तव्यों के निष्पादन में इनकी उपयोगिता पर बल दिया।
इस कार्यक्रम के बाद प्रक्षित अग्रवाल, सी.ए. द्वारा “इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के संबंध में नई टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की विषय पर एक सत्र आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों को नवीनतम रिपोर्टिंग आवश्यकताओं, मुख्य अनुपालन प्रावधानों और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने व समीक्षा करते समय आने वाले मुद्दों की व्यावहारिक समझ प्रदान की गई।
इसके बाद, ‘आरोग्यम आयुर्वेद और योग विषय पर एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि डॉ. आचार्य बालकृष्ण, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार ने शारीरिक कल्याण, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने में आयुर्वेद और योग की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
शाम के सत्र में रोहित कपूर, सी.ए. द्वारा ‘न्यूआंसेस ऑफ द फैक्ट-लॉ डिवाइड: फ्रॉम क्केश्वंस ऑफ फैक्ट टू केक्षेस ऑफ लॉ (तथ्य और कानून के विभाजन की सूक्ष्मताएँ) पर एक तकनीकी प्रस्तुति दी गई। इसमें तथ्य के प्रश्नों और कानून के प्रश्नों के बीच अंतर तथा कानूनी व्याख्या, विभागीय कार्यवाही, आकलन और अपीलों में इसके महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य पेशेवर और प्रशासनिक मामलों में तथ्यात्मक निष्कर्षों व कानूनी मुद्दों की पहचान और समाधान के तरीके के प्रति प्रतिभागियों की समझ को मजबूत करना था।
इस कार्यक्रम ने पेशेवर विकास, ज्ञान साझा करने और प्रतिभागियों के बीच समग्र कल्याण में योगदान दिया। इसने समकालीन कर कानून, कानूनी व्याख्या और एक संतुलित व स्वस्थ कार्य वातावरण बनाए रखने के महत्व पर सार्थक संवाद को भी प्रोत्साहित किया। बाद में, आयकर विभाग द्वारा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मुख्य आयकर आयुक्त, अमृतसर के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ‘फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम, 2026” (छोटे करदाताओं की विदेशी संपत्तियों की प्रकटीकरण योजना) नामक एक आउटरीच (जनसंपर्क) कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विदेशी संपत्ति वाले करदाताओं के बीच जागरूकता और अनुपालन को बढ़ावा देना था।
आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य योजना की बेहतर समझ की सुविधा प्रदान करना, करदाताओं की चिंताओं को दूर करना और स्वैच्छिक अनुपालन की संस्कृति को बढ़ावा देना था। करदाताओं को योजना के प्रावधानों का लाभ उठाने के लिए सक्रिय रूप से भाग लेने, मार्गदर्शन प्राप्त करने और अपनी विदेशी परिसंपत्तियों का सच्चाई से खुलासा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।