नई दिल्ली: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव और बयानों के खिलाफ शनिवार को डेनमार्क में भारी मात्रा में लोग इकट्ठे हुए। लोगों ने डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए है। डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में करीबन 12 बजे सिटी हॉल स्कवॉयर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारी करीबन 2 किलोमीटर मार्च करते हुए अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़े। इस प्रदर्शन में डेनमार्क और ग्रीनलैंड दोनों के लोग शामिल थे। कई प्रदर्शनकारी अपने हाथों में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के झंडे भी लेकर गए थे। डेनिश मीडिया के अनुसार, इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आरहूस, ओडेंस और ऑल्बोर्ग जैसे बाकी शहरों में भी हुए या उनकी तैयारी थी।
ट्रंप ने लगाया 10% टैरिफ
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ग्रीनलैंड मुद्दे को लेकर अमेरिका डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सभी सामानों पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने कहा कि 1 जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा जब तक ग्रीनलैंड को खरीदने को लेकर समझौता नहीं हो जाता।
ग्रीनलैंड को खरीदने चाहते हैं ट्रंप
ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंदर एक स्वशासित क्षेत्र है। इसकी अपनी ही सरकार है परंतु रक्षा और विदेश नीति का जिम्मा डेनमार्क के पास है। ग्रीनलैंड में अमेरिका का एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है। डोनाल्ड ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को लेकर अपनी दिलचस्पी दिका चुके हैं। अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने ग्रीनलैंड को खरीदने की बात कही थी। अब एक बार फिर उन्होंने इस स्वायत्त द्वीप पर नियंत्रण के लिए कई ऑप्शन अपनाने की बात कही है। इसमें सैन्य ऑप्शन का जिक्र भी शामिल है।