नई दिल्ली: देशभर में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के बड़े प्रदर्शन को अब पाकिस्तान के न्यूज चैनल भी लगातार ही दिखा रहे हैं। पड़ोसी देश पाकिस्तान के ऐसे कई न्यूज चैनल है जो इस आंदोलन की दिन-रात कवरेज कर रहे हैं। इसी बीच पाकिस्तान की एक पत्रकार और एक्सपर्ट कुर्रत-उल-ऐन शिरजी ने अपने देश के मीडिया पर सवाल उठा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि – पाकिस्तानी टीवी चैनल भारत की राजधानी नई दिल्ली में क्या हो रहा है यह तो लगातार दिखा रहे हैं परंतु वो यह क्यों नहीं दिखा रहे हैं कि POK में क्या हो रहा है। उन्होंने सवाल किया है कि पाकिस्तान का नेशनल मीडिया कश्मीर की असली स्थिति आखिर कब दिखाएगा।
Pok पर चल रहे हैं बड़े प्रदर्शन
Pok पर पिछले कई महीनों से बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं। वहां के कई नेता पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे हैं। POK के नेताओं ने पाकिस्तान की असेंबली से आजादी तक का ऐलान कर दिया है। प्रदर्शन को रोकने के लिए पाकिस्तान की सेना ने पीओके की नाकेबंदी कर रखी है। आरोप है कि खाने-पीने की सामान की सप्लाई भी रोक दी गई है परंतु इन घटनाओं को पाकिस्तान की मीडिया में ज्यादा जगह ही नहीं मिल रही है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की मीडिया भारत में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लगातार प्रमुखता से दिखा रहा है। पाकिस्तान ने सबसे मशहूर अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में यह हेडलाइन भी दी है कि भारत में छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने विपक्ष को मोदी के खिलाफ एक सही मौका दिया है।
Pakistani television channels are showing what’s happening in India’s New Delhi, but why are these channels unable to show what has been happening in Pak-administered Kashmir? When will the national media show the ground reality in Kashmir?
— Qurrat ul Ain Shirazi (@annie_shirazi) July 21, 2026
डॉन की रिपोर्ट में लिखी गई ये बात
डॉन की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दिल्ली में हजरों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए हैं परंतु जिनकी संख्या उम्मीद से ज्यादा थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अधिकारियों की सख्त कार्रवाई की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद लगभग सभी विपक्षी दल इस आंदोलन के समर्थन में आ गए हैं हालांकि आंदोलन से जुड़े लोगों ने अभी तक यह कह दिया है कि वो चुनावी राजनीति से दूर रहना चाहते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स के हवाले से यह कहा गया है कि 2014 मे नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से लगातार चुनावी हार का सामना कर रहे विपक्ष के लिए देश का युवा एक बड़ा राजनीतिक मौका बन सकता है। भारत की 1,42 अरब आबादी में 30 साल के उम्र के लोगों की संख्या आधे से ज्यादा है। इनमें से कई लोग रोजगार की कमी को लेकर लंबे समय से नाराज भी हैं।
पाकिस्तान पत्रकार की रिपोर्ट
पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर के जियो न्यूज ने इस मामले पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। उसकी हेडलाइन थी भारतीय विपक्षी नेता ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई को लेकर मोदी के इस्तीफे की मांग की है। जियो न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में समाचार एजेंसी AFP का हवाला देते हुए लिखा कि – भारत के प्रमुख विपक्षी नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को पीएम नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है। राहुल गांधी का यह कहना था कि शिक्षा व्यवस्धा में सुधार की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस की कार्रवाई गलत थी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान अल जजीरा भी इस आंदोलन की लगातार कवरेज कर रहा है। अल जजीरा ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा विरोध प्रदर्शन बढ़ने के बीच पुलिस ने भारतीय विपक्षी नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिया है।
पीएम के लिए आंदोलन बना सबसे बड़ी चुनौती
बता दें कि यह आंदोलन अब सिर्फ छात्रों तक ही सीमित नहीं रहा है। इसमें पेशेवर लोग, परिवार और समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग भी शामिल हो रहे हैं। अल जजीरा के अनुसार, हाल के सालों में यह आंदोलन मोदी सरकार के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन गया है। रिपोर्ट में यह भी बोला गया है कि इस आंदोलन ने सरकार की ओर से विरोध प्रदर्शनों और असहमति संभालने की तरीके को लेकर एक नई बहस शुरु कर दी है।
