ऊना/सुशील पंडित: अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विभिन्न समकालीन विषयों पर छात्र सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक राजनीति की बदलती परिस्थितियों, प्रमुख सिद्धांतों तथा विश्व राजनीति में महाशक्तियों की भूमिका के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
पायल शर्मा (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में निर्भरता सिद्धांत” पर प्रस्तुति देते हुए विकसित और विकासशील देशों के बीच आर्थिक निर्भरता, कोर–परिधि संबंध तथा वैश्विक असमानताओं के मुद्दों पर प्रकाश डाला। इसी क्रम में साक्षी और अंशिका (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने “समकालीन अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में आदर्शवादी और यथार्थवादी दृष्टिकोण” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आदर्शवादी और यथार्थवादी दृष्टिकोण के महत्व, उनके सिद्धांतों तथा वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में उनकी प्रासंगिकता को स्पष्ट किया।
इसके अतिरिक्त ईशिता और खुशबू (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने “समकालीन अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में अमेरिकी वर्चस्व” विषय पर प्रस्तुति देते हुए समकालीन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका की भूमिका, उसकी सैन्य, आर्थिक तथा कूटनीतिक शक्ति और वैश्विक व्यवस्था पर उसके प्रभाव का विश्लेषण किया। वहीं अंकुश शर्मा और वरुण (बी.ए. द्वितीय वर्ष) ने “शीत युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय राजनीति समाप्ति के बाद उभरी नई विश्व व्यवस्था, एकध्रुवीयता, वैश्वीकरण तथा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलते शक्ति संतुलन पर विस्तार से चर्चा की।
सेमिनार के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच विषय से संबंधित प्रश्नोत्तर और विचार-विमर्श भी हुआ, जिससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके प्रस्तुतीकरण कौशल को भी विकसित करते हैं।