नई दिल्लीः भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और देश में इस खेल की सबसे पहचान बनाने वाली शख्सियतों में शामिल साइना नेहवाल ने संन्यास का ऐलान कर दिया। वहीं साइना नेहवाल के एलान से बैडमिंटन में एक युग की समाप्ति हो गई। साइना ने बताया कि घुटनों की पुरानी समस्या और गंभीर चिकित्सीय स्थितियों के कारण उनके लिए खेल की कड़ी चुनौतियों का सामना करना अब संभव नहीं रह गया था। दरअसल, लंबे समय से चली आ रही घुटने की गंभीर समस्या और रिकवरी न हो पाने की स्थिति ने आखिरकार उन्हें ऐसा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया।
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साइना नेहवाल ने अपने फैसले के पीछे की दर्दनाक सच्चाई को साझा करते हुए बताया कि उनके घुटनों का कार्टिलेज (नरम हड्डी) पूरी तरह से खराब हो चुका है और वह अर्थराइटिस से जूझ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल रहने के लिए रोजाना 8 से 9 घंटे की ट्रेनिंग जरूरी होती है, लेकिन उनकी वर्तमान स्थिति ऐसी है कि उनके घुटने महज एक-दो घंटे की ट्रेनिंग के बाद ही सूज जाते थे। साइना ने कहा, ‘मैंने अपने माता-पिता और कोच को साफ बता दिया था कि अब इसे आगे खींचना मुश्किल है।’
बता दें कि लंदन ओलंपिक 2012 की कांस्य पदक विजेता साइना ने आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में प्रतिस्पर्धी मैच खेला था, लेकिन उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से संन्यास की घोषणा नहीं की थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने फैसले पर खुलकर बात की। साइना ने कहा, ‘मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मुझे लगा कि मैंने अपने दम पर इस खेल में कदम रखा और अपने ही फैसले से बाहर आई, इसलिए अलग से संन्यास की घोषणा करने की जरूरत नहीं समझी।’
साइना का करियर रियो ओलंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की गंभीर चोट से काफी प्रभावित हुआ। हालांकि, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 2017 में विश्व चैंपियनशिप का कांस्य पदक और 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीता, लेकिन घुटने की समस्या बार-बार उनके रास्ते में आती रही। 2024 में साइना ने खुलासा किया था कि उन्हें घुटनों में आर्थराइटिस है और कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।