बनासकांठा: गुजरात के बनासकांठा जिले के धानेरा में चौधरी समाज ने एक बड़ा फरमान सुनाया है। जिसमें कहा गया है कि फैशनेबल दाढ़ी रखने वालों पर 51 हजार का जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि समाज के कार्यक्रम, शादी में डीजे और जन्मदिन पर पार्टी का कल्चर खत्म करने का भी फरमान सुनाया है। जिसके बाद से चौधरी समाज सुर्खियों में छाया हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह फरमान धानेरा में 54 गांव आंजना चौधरी समाज की बैठक में सुनाया गया। दरअसल, बैठक में 21 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें से यह प्रमुख रहा। साथ ही यह भी कहा गया कि समाज को अच्छी नहीं लगने वाली बढ़ी हुई दाढ़ी पर जुर्माना लगेगा, जिससे आने वाली युवा पीढ़ी भी सचेत रहेगी।
क्या कहते हैं समाज के जानकार?
शिकारपुरा धाम के गादीपति दयाराम महाराज ने इस फैसले पर कहा कि हिंदू धर्म में संत और महात्मा ही दाढ़ी रखते हैं। यह उन्हीं का काम है, इसलिए उन तक ही सीमित रखना चाहिए। इस तरह युवाओं को दाढ़ी बढ़ना शोभा नहीं देता है। खासकर दाढ़ी का फैशन बना लेना सही नहीं है। दूसरी तरफ समाज के अध्यक्ष रायमलभाई पटेल कहते हैं कि सामूहिक विवाह में फालतू खर्चों पर मंथन करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि दाढ़ी रखने वाले युवक पर 51 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।
खर्चों पर रोक लगाने वाला फरमान
रायमलभाई कहते हैं कि सामाजिक समारोहों में होने वाले फालतू खर्चों पर रोक लगाने व उनको सीमित रखने के लिए यह एक फैसला है। शादी या किसी भी समारोह में डीजे पर रोक लगने से समाज के लोगों का फायदा ही होगा।
मौत पर अफीम के सेवन की परंपरा पर रोक, लगेगा 1 लाख का जुर्माना
इसके साथ ही समुदाय के सदस्य की मौत पर अफीम के सेवन की सामाजिक प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन करने वालों पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। रायमलभाई ने बताया कि निधन संबंधी कार्यक्रमों में अफीम के सेवन की परंपरा से गरीब तबके के लोगों पर वित्तीय बोझ डालती है, जिसे हम एक लंबे वक्त से बंद करना चाहते थे।