मुबंईः शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सांसद संजय राउत को लेकर PM नरेंद्र मोदी का बयान सामने आया है। उन्होंने ट्विट के जरिए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। दूसरी ओर संजय राउत की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर पार्टी समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई। सांसद संजय राउत अचानक स्वास्थ्य समस्या के कारण सार्वजनिक कार्यक्रमों से अस्थायी रूप से दूर हो गए हैं। उन्होंने खुद अपने खराब स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी।

राउत ने स्वयं ट्वीट कर अपनी बीमारी की जानकारी दी और समर्थकों से धैर्य रखने की अपील की। संजय राउत ने लिखा कि आप सभी ने हमेशा मुझ पर विश्वास किया है और मुझे प्यार दिया है, लेकिन अब अचानक मेरी तबीयत खराब हो गई है। उन्होंने कहा कि मेरा इलाज चल रहा है, मैं जल्द ही इससे उबर जाऊंगा। डॉक्टरों की सलाह पर राउत को बाहर जाने और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से मना कर दिया गया है. ट्वीट में उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टर की सलाह के बाद अब मुझे बाहर जाने और भीड़-भाड़ में जाने से मना किया गया है। मुझे विश्वास है कि मैं शीघ्र स्वस्थ हो जाऊंगा और नए साल में आपसे मिलने आऊंगा। आपका प्यार और आशीर्वाद बना रहे। राउत की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
संजय राउत ने सार्वजनिक कार्यक्रमों से उस समय दूरी बनाने का फैसला लिया है, जब एक दिन बाद शनिवार को मुंबई में विपक्षी पार्टियां मतदाता सूची में गड़बड़ी जैसे आरोपों को लेकर मार्च निकालेंगी। शिवसेना-यूबीटी के मुखपत्र ‘सामना’ के अनुसार, मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ मुंबई में एक नवंबर को मोर्चे का नेतृत्व एनसीपी-एसपी के अध्यक्ष शरद पवार, शिवसेना-यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व वामपंथी दलों के नेता करेंगे।
दरअसल, ‘मोर्चा’ निकालने की योजना पर वीरवार को सभी दलों की एक संयुक्त बैठक हुई थी। बैठक में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, एनसीपी-एसपी के प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे, जितेंद्र आव्हाड, कांग्रेस नेता नसीम खान और सचिन सावंत, कम्युनिस्ट पार्टी के कॉमरेड प्रकाश रेड्डी, शेकाप के जयंत पाटील, शिवसेना-यूबीटी सांसद अनिल देसाई, विधायक एड. अनिल परब, मनसे नेता बाला नांदगावकर, नितीन सरदेसाई, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर और साईनाथ दुर्गे शामिल हुए थे। समाचारपत्र ‘सामना’ के अनुसार, गुरुवार को विपक्षी दलों की यह बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली। प्रेस वार्ता में कहा गया, “निर्वाचन आयोग के लापरवाह रवैये, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनावों में अनियमितताओं के खिलाफ यह मोर्चा निकाला जा रहा है।”