बिजली की दरें मंदी के दौर में बढ़ाई जानी उद्योग जगत के लिए उचित नहीं
सौरभ धीमान को नालागढ़ इकाई तो निर्मल सिंगला बरोटीवालाई ईकाई के प्रधान
बददी/ सचिन बैंसल : फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री की मासिक बैठक दावत होटल में प्रदेशाध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जहां उद्योगों संबधी कई मुददे उठे वहीं उद्योग संघ ने पूरे प्रदेश में अपनी इकाईयां गठित करने की ओर कदम बढ़ाए हैं। वरिष्ठ उद्यमी निर्मल सिंगला को एफ.आई.आई बरोटीवाला इकाई की कमान सौंपी गई है वहीं झाडमाजरी के रमेश दूबे उनके साथ सचिव के रुप में कार्य करेंगे। युवा प्रिटिंग पैकेजिंग उद्यमी सौरभ धीमान को नालागढ़ चैप्टर की कमान सौंपी गई है।
पुष्पेंद्र कुमार को लोदीमाजरा इंडस्ट्रियल एरिया का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है वहीं संदीप धीमान उनके सचिव होंगे। प्रदेश सचिव अनिल मलिक व उपाध्यक्ष युवराज सिंह छोक्कर ने बताया कि इसके अलावा युवा उद्यमी डा. संदीप कुमार सचदेवा अधिवक्ता को लीगल एडवाईजर व कुलवीर जमवाल को पर्यावरण कमेटी का चेयरमैन बनाया गया। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष चिरंजीव ठाकुर, उपाध्यक्ष युवराज सिंह, सचिव अनिल मलिक व फार्मा विंग के संयोजक मृणाल यादव ने बताया कि बैठक में जहां कार्यकारिणी का विस्तार किया गया वहीं बिजली की प्रस्तावित बढ़ोतरी पर भी चिंता जााहिर की गई।
बैठक में राज्य निमायक आयोग की ओर से बिजली की दरो में की जाने वाले बढ़ोतरी किए जाने के प्रस्ताव पर कडा विरोध जताया गया है। इडंस्ट्रीज एसोसिएशन का मानना है कि इसका असर पूरे प्रदेश में तो पडेगा ही साथ में नए आने वाले निवेशकों पर भी असर पड़ेगा। इसी संदर्भ में एफ.आई.आई का एक प्रतिनिधिमंडल 4 मार्च को शिमला में होने वाले राज्य निमायक आयोग की बैठक में अपना पक्ष रखेगा। फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में उद्योगों को प्रदेश व केंद्र सरकारों की ओर से कोई विशेष पैकज या सब्सिडी अथवा अनुदान नहीं मिल रहा है । कोविड के बाद से ही कुछ उद्योगों के हालात ठीक नहीं चल रहे है।
भारत में हर राज्य नए नए पैकेज देकर अपने पास निवेश्कों को बुला रहा है वहीं हिमाचल प्रदेश में एकमात्र आकर्षण केवल निर्बाध 24 घंटे बिजली ही है लेकिन सरकार 90 पैसे यूनिट बढ़ाने जा रही है। प्रदेश मीडीया प्रभारी सुरेंद्र अत्री ने बताया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव का भारतीय उद्योग संघ विरोध करता है, चूंकि उद्योग सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है इसलिए इस समय उद्योगों पर यह बोझ लादा जाना तर्क संगत नहीं है। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि 4 मार्च को शिमला में राज्य निमायक आयोग की बैठक होनी है जिसमें बददी से उद्योगपतियों का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला मे आयोग की होने वाली इस बैठक में शामिल होगा और अपना विरोध दर्ज करेगा। अगर बिजली के दरें मंहगी होगी तो पहले से मंदी की मार झेल रहे उद्योगपतियों को अपने उद्योग चलाने दुर्भर हो जाएंगे।
यह रहे बैठक में उपस्थित-
फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री की मासिक बैठक में प्रदेश सचिव अनिल मलिक, उपाध्यक्ष युवराज सिंह, प्रदेश मीडीया प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, रमेश दूबे, अखिलेश यादव, कुलवीर जमवाल, पुष्पेंद्र सिंह, तरसेम शर्मा, सौरभ धीमान, एडवोकेट संदीप सचदेवा, राजीव रंजन कुमार, सुनील शर्मा, मनीष राजौरा, सुभाष मिश्रा, सतपाल जसल, हरिओम सिंह, संदीप धीमान, निर्मल सिंगला, मृणाल यादव, अशोक राणा, आरपी सिंह, सुरेंद्र शर्मा व वसुंधरा नागल सहित कई सदस्य उपस्थित थे।