टेक्नोलॉजी: चैट जीपीटी इन दिनों ऐसा जरिया बन चुका है जिससे कई लोग अपने दिल की बात करते हैं। इसका एक कारण यह भी है कि जब भी चैट जीपीटी से कोई प्रश्न पूछा जाए तो उसका उत्तर वो तुरंत दे देता है। अब हाल ही में ओपन एआई ने एक अहम खुलासा किया है। ओपन एआई के अनुसार, करोड़ों यूजर्स चैट जीपीटी पर सुसाइड को लेकर बात कर रहे हैं। ओपन एआई ने बताया कि यूजर्स मेंटल हेल्थ और मानसिक तनाव को लेकर एआई के साथ चर्चा करते हैं। कंपनी के अनुसार, चैट जीपीटी पर हर हफ्ते 80 करोड़ यूजर्स सुसाइड को लेकर चैटिंग करते हैं। लोग अपनी परेशानी को लेकर चैटबॉट से बात करते हैं और उससे सलाह भी मांगते हैं हालांकि ये संख्या टोटल यूजरबेस का करीब 0.15% हैं।
कंपनी कर रही फीचर पर काम
ओपन एआई का कहना है कि इश तरह की कन्वर्सेशन बहुत कम है लेकिन इन पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर करते हुए कहा कि वह ऐसी चैट्स पर काम कर रहे हैं। वह करीबन 170 मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स के साथ काम कर रहे हैं। ये एक्सपर्ट एआई चैटबोट को ट्रेन करेंगे कि किस तरह से सुसाइड वाले सवालों का जवाब देना है और उनका तनाव दूर करना चाहिए।
170 मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट के साथ काम कर रही कंपनी
ओपन एआई ने यह बताया कि वह करीब 170 मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट के साथ काम कर रहा है। ये एक्सपर्ट एआई चैटबॉट को ट्रेन करेंगे कि किस तरह से सुसाइड वाले सवालों का जवाब देना है और उनके तनाव को कैसे दूर करना चाहिए। ओपन एआई का मानना है कि नया मॉडल पहले से कई गुना ज्यादा बेहतर और रिस्पांड कर पाएगा। हाल ही में दुनियाभर में मेंटल हेल्थ और उसमें चैटबॉट की भूमिका को लेकर बात हो रही है।
एआई पर लगा आरोप
कुछ और स्टडीज में यह दावा भी किया जा चुका है कि एआई चैटबॉट यूजर्स को इस तरह की सलाह देते हैं जो असल में गलत होती है। ऐसे में यूजर्स को भआरी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ओपन आई पर मौजूदा समय में एक कोर्ट केस भी चल रहा है। यह केस 16 साल के लड़के का है। इस लड़के ने चैट जीपीटी से खुदकुशी से जुड़ी बाते करके बाद में अपनी जान दे दी। इसके बाद एआई पर यह आरोप लगाया है कि उसने ही लड़के को खुदकुशी के लिए उकसाया था।