राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद करने के निर्णय के विरोध में क्षेत्र में रोष- गौरव कुमार
ऊना/सुशील पंडित: Aआज स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी को बंद किए जाने के निर्णय के विरोध में एक प्रतिनिधिमंडल ने भरवाईं के नायब तहसीलदार के माध्यम से माननीय राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन प्रेषित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राएँ, पी.टी.ए. (अभिभावक-शिक्षक संघ) के सदस्य तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में महाविद्यालय को बंद करने के निर्णय को क्षेत्र के हितों के विरुद्ध बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि राजकीय महाविद्यालय चिंतपूर्णी क्षेत्र की बेटियों एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र सुलभ एवं सुरक्षित केंद्र है। वर्तमान में लगभग 90 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें लगभग 75 छात्राएँ हैं। महाविद्यालय से 15–20 पंचायतों के विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय को बंद किया गया तो विद्यार्थियों को 30–35 किलोमीटर दूर अन्य संस्थानों में जाना पड़ेगा, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा तथा छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न होंगी।
प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रस्ट अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है और ऐसे में एक सुदीर्घ काल से संचालित शिक्षण संस्थान को बंद करना जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने राज्यपाल महोदय से हस्तक्षेप कर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता, विद्यार्थी, पी.टी.ए. सदस्य एवं सामाजिक संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे।
अंत में उपस्थित जनसमूह ने एकजुटता का परिचय देते हुए महाविद्यालय को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर पी.टी.ए. के प्रधान मनीष कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के छात्र, उनके अभिभावक और स्थानीय जनता भी उपस्थित रहीं।