चंडीगढ़: अगर आप महाभारत की कथा को सिर्फ पढ़ना या सुनना नहीं, बल्कि उसे आधुनिक तकनीक के जरिए अपने सामने जीवंत होते देखना चाहते हैं, तो कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र आपके लिए खास जगह है। महाभारत और भगवद्गीता की समृद्ध विरासत को समर्पित यह केंद्र हरियाणा के प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटित महाभारत अनुभव केंद्र का उद्देश्य महाभारत की महाकाव्य कथा और भगवद्गीता की कालजयी शिक्षाओं को पारंपरिक कहानी कहने और आधुनिक तकनीक के मेल से लोगों तक पहुंचाना है। भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को भगवद्गीता देने से पारंपरिक रूप से जुड़ी पवित्र भूमि ज्योतिसर में विकसित यह केंद्र सांस्कृतिक व्याख्या, अनुभवात्मक शिक्षा और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण स्थल है।
केंद्र की इमर्सिव गैलरियों में महाभारत की महत्वपूर्ण घटनाओं, पात्रों और दार्शनिक विषयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पारंपरिक कथा और आधुनिक तकनीक का यह मेल आगंतुकों को महाभारत की कथा को एक व्यापक और अनुभवात्मक तरीके से समझने का अवसर देता है। इसकी गैलरियां तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि महाभारत अनुभव केंद्र भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की समकालीन प्रस्तुति करता है। इसके माध्यम से महाभारत और भगवद्गीता के दर्शन को आधुनिक माध्यम से लोगों के सामने रखने के साथ कुरुक्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया गया है।