जालंधर, ENS: लम्मा पिंड के नजदीक सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल के प्रिंसीपल की महिला स्टॉफ के साथ आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल हुई थी। यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही इस मामले को लेकर प्रिंसीपल की महिला स्टॉफ के साथ आपत्तिजनक और गैर सामाजिक तस्वीरों की सूचना सामने आते ही ग्रुप की मैनेजमेंट कमेटी ने स्कूल शाखा के प्रिंसीपल से सारा चार्ज लेकर, सस्पेंड कर दिया और महिला स्टॉफ को 2 महीनों की छुट्टी का आदेश दे दिया है। लेकिन पेरेंट्स में अभी भी भारी रोष पाया जा रहा है। इसी के चलते आज सुबह एक बार फिर से पेरेंट्स स्कूल के बाहर इकट्ठे हो गए है और स्कूल प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे है। परिजनो की मांग है कि स्कूल में प्रिंसीपल को रहने का अधिकारी नहीं है।
पेरेंट्स ने कहाकि कि आज सुबह स्कूल के प्रिंसीपल और टीचर स्कूल नहीं आए है। वह स्कूल प्रशासन से उक्त प्रिंसीपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे है। पेरेंट्स की मांग प्रिंसीपल को सस्पेंड करने की नहीं है। बल्कि उनकी मांग है कि स्कूल में उक्त प्रिंसीपल और टीचर को आने की अनुमति नही मिलनी चाहिए। भले ही इस रोष के चलते स्कूल प्रशासन पेरेंट्स को आश्वसन देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन उनका रोष अभी भी जारी है। पेरेंट्स का कहना है कि अगर स्कूल के प्रिंसीपल और टीचर ऐसे काम करेंगे तो बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते है। वहीं एक अन्य पेरेंट्स ने कहा कि अभी तक स्कूल प्रशासन ने उक्त प्रिंसीपल और टीचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की कोई बात नहीं की है।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए स्कूल के एमडी शक्ति राज शर्मा ने मीडिया को बताया कि यह मामला उनकी कमेटी के ध्यान में आया है। इस मामले को लेकर सोसायटी ने बीते दिन एक्शन लिया है। आगे भी इस मामले को लेकर कार्रवाई की जा रही है। एमडी ने बताया कि अभी प्रिंसीपल को सस्पेंड किया गया है। अभी कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई। पेरेंट्स का आरोप है कि प्रिंसीपल द्वारा दरवाजे को बंद रखा जाता था। इस दौरान ना तो पेरेंट्स को मिला जाता था और ना ही किसी टीचर मिलाया जाता था। वहीं पेरेंट्स का आरोप है कि प्रिंसीपल के कमरे में कैमरे लगे हुए थे। उसके बावजूद प्रिंसीपल रूम की फोटो जारी हो गई। वहीं इस मामले को लेकर वह कुछ नहीं बोले।

बता दें कि सेंट सोल्जर एजुकेशनल ग्रुप संस्थान पहले भी कई बार विवादों में रह कर सुर्खियां बटोर चुका है। एनकाऊंटर न्यूज द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद सेंट सोल्जर के पीआरओ गगन ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा था कि यह खबर सेंट सोल्जर के अर्जुन नगर ब्रांच की है। मगर इस मामले को स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर ने स्कूल में बैंठक के दौरान सुलझा लिया था। लेकिन इस मामले के तुल पकड़ने से शिक्षा के संस्थानों में भी लोगों का विशवास डग मगाता दिखाई दे रहा है। पेरेंट्स का कहना है कि घर से ज्यादा समय बच्चे स्कूल में बिताते है और प्रिंसिपल को आदर्श समझा जाता है। यदि मुख्य अध्यापक और टीचर्स ही स्कूल परिसर में। ऐसे गैर सामाजिक कार्यों में संलिप्त होते दिखाई देते रहे तो इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चो का भविष्य राम भरोसे ही है।
