जालंधर, ENS: देहात के गांव माहलां में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग फाड़ने के मामले में फिल्लौर थाने में आरोपी बच्चे पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गांव के लोगों ने गिरफ्तार बच्चे को लेकर भी नरमी दिखाई। उन्होंने कहा कि बच्चा समझदार नहीं है। 10वीं क्लास में पढ़ रहा था, लेकिन दिमाग विकसित नहीं हो पाया था। लोगों ने शक जताया कि बच्चा खुद से ऐसा नहीं कर सकता। उसे किसी ने मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया है। बच्चे के साथ पुलिस को नरमी से पेश आना चाहिए। उसे दूसरे बच्चों के साथ रखकर प्यार से पूछा जाना चाहिए कि उसे ऐसा करने के लिए किसने उकसाया था।
इसके साथ ही माहलां के गुरुद्वारा साहिब से गुरु के स्वरूप को शिरोमणि कमेटी ने उठा लिया है। गांव से गुरु को विदा होते देख संगत के आंसू बहने लगे। गुरु की सेवा और रोज माथा टेकने आने वाली महिलाएं रोने लगीं। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि गुरु साहिब को ऐसे विदा करना पड़ेगा। जो भी घटना हुई है वह बहुत ही दुखदाई है। वे रोज गुरुद्वारा साहिब सेवा के लिए आती थीं। उनको ये सोचकर आंसू आ रहे हैं कि कल से गुरु के दर्शन नहीं कर पाएंगी, गुरु घर की सेवा नहीं कर पाएंगी। एक महिला ने बताया कि यहां पर जितना भी घटनाक्रम हुआ है वो संगत में एकता न होने के कारण हुआ है।
हमारी भी कुछ गलतियां हैं। हमने अपने लिए तो बड़े-बड़े घर बना लिए,लेकिन गुरुघर की हालत को नहीं सुधारा। गुरुघर एक कमरे में चल रहा था और उसकी हालत भी सही नहीं थी। संगत ने बताया कि गुरुघर की छत पुरानी थी और कई बार ज्यादा बारिश होने के चले सीलन या पानी भी आ जाता था। अभी गुरुघर की कोई कमेटी भी नहीं बनी थी। न ही ही मेंटेनेंस हो पा रही थी। महिलाओं ने बताया कि कुछ दिन पहले ही कमेटी बनाने पर चर्चा चल रही थी। गांव वालों की योजना थी कि कमेटी बनाने के बाद सभी लोगों के सहयोग से गुरुघर को बड़ा बनाया जाएगा।
इसके लिए गांव से विदेश में गए लोगों से भी मदद मांगी जाएगी, लेकिन इससे पहले ही ये सब हो गया। गुरुघर से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप की विदाई पर महिला संगत भावुक हो उठी। संगत में से कुछ लड़कियां फफक-फफक रो उठीं। उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी हमारे गुरु के साथ ऐसा किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही हमें इस मामले में इंसाफ मिलना चाहिए। इंसाफ के अलावा उनकी ये मांग है कि गुरुघर की मर्यादा को फिर से बहाल करके गुरु साहिब जी का यहां पर प्रकाश होना चाहिए।
देहात पुलिस के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि जैसे ही उनको गांव माहलां में बेदअबी की घटना का पता चला तो तुरंत डीएसपी फिल्लौर भरत मसीह को मौके पर भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने संगत में पैदा हुए रोष को शांत किया और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर गहराई से जांच की। जांच में सामने आया कि शाम को साढ़े 6 बजे के करीब बच्चा गुरुद्वारा साहिब के अंदर जाता है। जब वह बाहर आता है तो गुरु साहिब के अंग फाड़ देता है और उनको बिखेर देता है। प्राथमिक जांच में बच्चा मानसिक तौर पर कमजोर पाया गया है। अभी ये मामला जुबेनाइल का बनता है और उसी के तहत अगली कार्रवाई की जाएगी।