जालंधर, ENS: लतीफपुरा में डिप्टी कमिश्नर के आदेश पर मंगलवार सुबह 4:00 बजे से ही एरिया में भारी पुलिस फोर्स के साथ नाकाबंदी कर ली गई थी। कब्जे को खाली करवाने के लिए नगर निगम टीम ने पुलिस की मदद ली। जिला प्रशासन ने 9 फरवरी तक कोर्ट से कब्जे हटाने का समय मांगा था और आज 10 फरवरी को कोर्ट में अपना जवाब दायर करना था। उससे पहले यहां पर कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया गया। अब प्रशासन द्वारा मलबा उठाने का काम जारी है। इस कार्रवाई को लेकर आसपास लोगों ने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। मामले की जानकारी देते हुए जसविंदर सिंह साहनी ने कहा कि इलाका निवासियों की पिछले 4 साल से रास्ते को खोलने की मांग थी।
ऐसे में आज कार्रवाई करते हुए सड़क को खोल दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि जल्द सड़क को बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इस कार्रवाई से पहले काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार एंबुलेंस फंस जाती थी और दुकानदारों को कारोबार पर भी काफी प्रभाव देखने को मिल रहा था। उन्होंने कहा कि लतीफपुरा में कब्जे हटानेसे पहले सरकार की ओर से लतीफपुरा वासियों को घर दे दिए गए है। उन्होंने डीसी और सरकार का आभार व्यक्त किया है। ललीत ने कहा कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन सहित प्रशासन की ओर से आज शांतिपूर्ण तरीके से कब्जा हटाया है।
इस दौरान लोगों के सामान को प्रशासन ने अपनी गाड़ियों की मदद से उनके घरों तक पहुंचाया है। उन्होंने इस कार्रवाई के दौरान लतीफपुरा वासियों के साथ किसी भी तरह से धक्का नहीं किया गया। वहीं काफी समय से परेशान हो रहे आसपास लोगों को भी बड़ी राहत मिली है। बता दें कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने दिसंबर 2022 में अवैध मकानों को गिराया था, जिसके बाद स्थानीय लोग सड़क पर कब्जा कर विरोध कर रहे थे और केस हाईकोर्ट में पहुंचा था, जहां इसी स्थिति को देखते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे कि कब्जों को हटाया जाए। जिसके तहत आज सुबह ही प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
