जालंधर, ENS: पंजाब सहित महानगर में पिछले कई दिनों से तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल काफी खराब हो गई। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने बुधवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य में बेमौसम भारी बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं तथा अन्य रबी फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम भेजी। खुडियां ने कहा कि राज्य सरकार ने फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए पहले ही एक विशेष गिरदावरी (सर्वेक्षण) का आदेश दे दिया है। नुकसान की व्यापकता और किसानों पर पड़े आर्थिक बोझ को देखते हुए, उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की। वहीं जालंधर में गेंहू की खरीद को लेकर मंडियों में पुख्ता प्रबंध किए गए है।
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारी रविंदर सिंह ने बताया कि गेंहू की खरीद 3 अप्रैल से खरीद शुरू हो गई है। इस दौरान उनके अधीन आने वाली 8 मंडियों में सफाई, पानी और बिजली के पुख्ता प्रबंध किए गए है। अधिकारी ने कहाकि इस बार गेंहू को लेकर एमएसपी 2085 रुपए क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीद रखी गई है। वहीं लेबर को लेकर आढ़तियों द्वारा भी पुख्ता प्रबंध किए गए है। ऐसे में अभी तक लेबर को लेकर किसी भी तरह की कमी को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं बारिश में मंडियों में गेंहू को लेकर आढ़तियों द्वारा तिरपाल को लेकर भी प्रबंध किए गए है।
अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि फसल को सुखाकर मंडी में लेकर आए ताकि बोली लगाकर फसल का उन्हें सही मुआवजा दिया जा सके। वहीं भीगी हुई फसलों को लेकर रविंदर सिंह ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी लुधियाना से मॉइश्चराइजर मीटर कैलीब्रेट करवाए गए है। ऐसे में पास मॉइश्चराइजर मीटर से गेंहू की जांच की जाएगी। ऐसे में 14 प्रतिशत मॉइश्चराइजर मीटर निर्धारित की गई है। बता दें कि बीते दिन केंद्रिय मंत्री खुडियां ने किसानों के नुकसान को लेकर गिरदावरी के निर्देश जारी कर दिए है।
उन्होंने कहा कि यह नुकसान सिर्फ गेहूं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर साहिब, बठिंडा, अमृतसर, मोगा और मानसा सहित कई जिलों में सब्जियां, चारा और अन्य रबी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। फसल का नुकसान किसानों की आजीविका और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन गया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत आकलन के लिए एक केंद्रीय टीम की तत्काल आवश्यकता है, और साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि राज्य सरकार अपने किसानों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और केंद्रीय टीम को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।