जालंधर, ENS: सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में नंगल शामा में प्लाट का फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां 17 मरले के प्लॉट की रजिस्ट्री मई 2024 में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय-1 में कर दी गई। जिस व्यक्ति जमनादास के नाम पर रजिस्ट्री दिखाई गई, उसकी मौत 2023 में ही हो चुकी थी यानी मौत के बाद कागजों में व्यक्ति को जिंदा दिखाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर दी गई। आधार कार्ड बदल कर गलत व्यक्ति खड़े करने के बाद रजिस्ट्री करवाई गई।
इस मामले को लेकर सितंबर 2025 में जमनादास के रिश्तेदारों ने डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल को शिकायत दी। इस पर डीआरओ नवदीप भोगल और सीएम फील्ड अफसर नवदीप सिंह ने जांच की गई। आधार कार्ड के बारे में सेवा केंद्र से जवाब मांगा गया तो पता चला कि यह सारा फ्रॉड है। डीसी ने नंबरदार गुरदेव सिंह को सस्पेंड किया है और डिसमिस करने की कार्रवाई की जा रही है।
अब संबंधित व्यक्ति, जिनमें रामामंडी निवासी मनदीप कुमार सहित अन्यों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। इसमें रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 88 नॉन बेलेवल को भी जोड़ा जाएगा, जिसमें 8 साल तक सजा का प्रावधान है। जिक्रयोग है कि उक्त मामले में डीड लिखने के दौरान कैश लेनदेन का जिक्र किया गया है, जबकि जब जांच की गई तो अलग-अलग लोगों की गवाही में सामने आया कि उक्त मामले में बीएमडब्ल्यू और 6 लाख रुपए कैश देने का जिक्र हो रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए जिला रेवेन्यू अधिकारी नवदीप भोगल ने बताया कि मरे व्यक्ति के डॉक्यूमेंट से छेड़छाड़ कर रजिस्ट्री करवाना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नंबरदार पर सख्त एक्शन किया गया है और इस मामले में जुड़े अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी अगर दोषी हुए तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। प्रॉपर्टी माफिया के खिलाफ लगातार सख्ती दिखाई जा रही है।’