जालंधर, ENS: सासंद मनीष तिवारी आज पुस्तक रिलीज करने जालंधर पहुंचे। इस दौरान मनीष तिवारी ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ जो करार किया है, जिसमें कृषि क्षेत्र से संबंधित करार का समझौता शामिल है और उसके बारे में कोई पारदर्शिता नहीं है। तिवारी ने कहाकि फाइनेंस बिल 2026 पर 9 मार्च को सांसद में चर्चा होगी। जिसमें 70 ऐसी टैरिफ लाइन है, जिसे जीरो पर लाया गया है। इसी के साथ कई ऐसे टैरिफ प्लान है, जिसे 5 प्रतिशत, 7.50 प्रतिशत और 2.50 प्रतिशत लाया गया है। तिवारी ने कहाकि भारत के कृषि क्षेत्र पर काफी ज्यादा नाकारात्मक असर पड़ने जा रहा है। ऐसे में इस पर बात रखने के लिए कांग्रेस द्वारा 28 तारीख को रैली की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने स्टाम्प ड्यूटी को खारिज कर दिया है।
एएआई मुद्दे पर राहुल गांधी की भाजपा नेताओं द्वारा सदस्या रद्द करवाने के मुद्दे पर तिवारी ने कहा कि भाजपा द्वारा पहले भी राहुल गांधी की सदस्या रद्द करवाने की कोशिश की गई थी और उसका परिणाम सबसे सामने आया है और सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की सदस्या को बहाल करवाया था। तिवारी ने कहा कि ओछी सियासत से ऊपर उठने की जरूरत है। केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ व्यापार को लेकर समझौता किया गया है और इस समझौते में क्या अमरेकी खेतीबाड़ी से जुड़े पदार्थ बिना ड्यूटी के भारत में आएंगे और भारत के कृषि क्षेत्र में उसका कितना नारात्मक असर पड़ेगा यह बुनियादी बाते है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के हो रहे विरोध को लेकर तिवारी ने कहा कि भारतीय दूतावास को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनियां के अलग अलग देशों में बैठे भारतीय दूतावासों ने वहां की अर्थव्वस्था और समाज में बहुत ही रचनात्मक योग डाला है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की नारजगी के मुद्दे पर पंजाब कांग्रेस के मुद्दों पर जुड़े सवालों के जवाबों पर तिवारी ने कहा कि इसका जवाब कांग्रेस के अध्यक्ष ही दे सकते है।